जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : भूना में सात दिन जलप्रलय ने केवल स्थानीय निवासियों को ही नहीं दुख दिया, बल्कि सैंकड़ों किलोमीटर दूर बैठे एक कश्मीरी को भी झकझोड़ दिया और वो कश्मीरी सैंकड़ों किलोमीटर का सफर तय करके भूना पहुंचा और अपने जानने-पहचानने वालों का हाल जानकर दुखी हो गया। बात हो रही है कश्मीर के कुलगाम इलाके के निवासी मोहम्मद इशाक डार की।

मोहम्मद इशाक डार मूल रूप से गर्म कपड़ों का व्यापार करते हैं और दिसंबर-जनवरी के महीने में फतेहाबाद और भूना में गर्म शाल-गर्म सूट आदि का माल लेकर गली-गली बेचने का काम करते हैं। मोहम्मद इशाक बताते हैं कि उनके परिवार की तीन पीढिय़ां इस काम के सिलसिले में पिछले चालीस सालों से फतेहाबाद-भूना के विभिन्न मोहल्लों में आते हैं और सूट बेचते हैं। वो कहते हैं कि भूना के हालात देखकर वो खुद रो पड़े।

टीवी पर देखी भूना की जलप्रलय तो दर्द बांटने आया

दैनिक जागरण से बातचीत में कश्मीर के निवासी मोहम्मद इशाक डार बताते हैं कि पिछले चालीस सालों से फतेहाबाद और भूना के लोग उनके परिवार का पेट पालने में मदद करते आए हैं। उनसे पहले उनके पिता और दादा भी भूना की गलियों में गर्म सूट और शाल बेच चुके हैं। ऐसे में जब टीवी पर भूना इलाके में आई बाढ़ और लोगों के बदहाल हाल देखे तो खुद से रूका नहीं गया।

इसके अगले ही दिन कुलगाम से पहले जम्मू पहुंचा और इसके बाद जम्मू से बस में सवार होकर तकरीबन 18 घंटे का सफर तय करके पहले फतेहाबाद और बाद में भूना पहुंचा। वहां पर उन इलाकों में गया जहां पर अपना माल बेचने आते थे। इशाक ने कहा कि भूना में कारोबार सब खत्म हो गया। दुकानदारों को संभालने वाला चाहिए। ये हालात अच्छे नहीं हैं। हौंसला बढ़ाने के लिए सरकार को आगे आना चाहिए।

Edited By: Manoj Kumar

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट