विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'ज्ञान गलत साबित करो और ले जाओ 50 लाख', संत रामपाल की धर्मगुरुओं को खुली चुनौती

Published: Wed, 23 Sep 2026 12:41 PM (IST)

संत रामपाल ने वेद और गीता के आधार पर अपने ज्ञान को गलत साबित करने वाले धर्मगुरुओं को 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की चुनौती दी है।

संत रामपाल ने वेद और गीता के आधार पर दी शास्त्रार्थ की चुनौती।

संत रामपाल ने वेद और गीता के आधार पर दी शास्त्रार्थ की चुनौती।


HighLights

  1. संत रामपाल ने धर्मगुरुओं को शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित किया

  2. ज्ञान गलत साबित करने पर 50 लाख रुपये का पुरस्कार

  3. शास्त्रार्थ का प्रसारण 3-4 अक्टूबर को साधना टीवी पर

जागरण संवाददाता, हिसार। करोंथा आश्रम के संचालक संत रामपाल ने विभिन्न धर्मगुरुओं को शास्त्रार्थ के लिए आमंत्रित करते हुए अपने ज्ञान को वेद, श्रीमद्भगवद्गीता और अन्य प्रमाणित धार्मिक ग्रंथों के आधार पर गलत साबित करने की चुनौती दी है।

उनके समर्थकों की ओर से प्रसारित जानकारी के अनुसार, जो धर्मगुरु शास्त्रों के प्रमाण के आधार पर संत रामपाल के ज्ञान को गलत साबित करेगा, उसे 50 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।

बताया गया है कि प्रस्तावित कार्यक्रम में धार्मिक ग्रंथों में वर्णित विषयों पर प्रमाणों के आधार पर चर्चा होगी। संत रामपाल की ओर से सभी धर्मगुरुओं को इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया है।

उनके आधिकारिक प्रचार से जुड़े स्रोतों में कहा गया है कि उनका ज्ञान वेद और श्रीमद्भगवद्गीता को आधार मानकर प्रस्तुत किया जाएगा।

3-4 अक्टूबर को विशेष कार्यक्रम का दावा

इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित जानकारी के मुताबिक इस विशेष आध्यात्मिक चर्चा का प्रसारण 3 और 4 अक्टूबर 2026 को शाम 7:30 से 9:30 बजे तक साधना टीवी पर किया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर संत रामपाल के समर्थकों की ओर से सोशल मीडिया पर प्रचार किया जा रहा है।

संत रामपाल से जुड़े आधिकारिक मंच पर पहले भी विभिन्न धर्मगुरुओं के साथ शास्त्रों के आधार पर आध्यात्मिक चर्चा का उल्लेख मिलता रहा है। ऐसे ही एक पुराने संवाद में वेद, गीता, पुराण, कुरान, बाइबिल और गुरु ग्रंथ साहिब सहित विभिन्न धार्मिक ग्रंथों को चर्चा का आधार बताए जाने का उल्लेख है।

धार्मिक बहस का मुद्दा फिर चर्चा में

शास्त्रों की व्याख्या और धार्मिक परंपराओं को लेकर संत रामपाल के विचारों पर पहले भी सार्वजनिक बहस होती रही है। अगस्त 2026 में कैथल में वेद प्रचार मंडल और आर्य समाज से जुड़े पदाधिकारियों ने उनके विचारों के विरोध में महासम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की थी।

ऐसे में 50 लाख रुपये की चुनौती के साथ प्रस्तावित शास्त्रार्थ का ऐलान धार्मिक और सामाजिक विमर्श में चर्चा का विषय बना है।