संवाद सहयोगी, हांसी : ग्रामीण सफाई कर्मचारी मांगों को लेकर बीते 25 दिनों से हड़ताल पर हैं। हांसी उपमंडल के दोनों खंडों के हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने खंड विकास कार्यालय में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया व जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें न ही तो पीएफ मिलता है और न ही पूरा वेतन मिलता है।

बता दें कि हांसी उपमंडल के दोनों खंडों में करीब 85 गांव हैं जिसमें 149 सफाई कर्मचारी कार्यरत हैं। पूरे प्रदेश में सफाई कर्मचारी 17 अगस्त से हड़ताल पर हैं। खंड विकास कार्यालय में प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कहा कि वो पीएफ की सुविधा से वंचित हैं। इसके अलावा उन्हें वेतन भी कम दिया जाता है। उनकी मांग है कि सरकार नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के बराबर उन्हें भी वेतन दे।

सफाई कर्मचारियों के प्रधान चरणदास का कहना है कि 2 हजार की आबादी पर एक सफाई कर्मचारी है जिसकी वजह से उन पर काम का अधिक बोझ हैं। उनकी मांग है कि एक हजार की ग्रामीण आबादी पर एक सफाई कर्मचारी तैनात होना चाहिए।

इस अवसर पर उदयवीर, मुकेश भाटोल, गीता, मेवा देवी, मीना, सोनू, अनिल, रणजीत आदि उपस्थित रहे। गांवों में बिगड़ी सफाई व्यवस्था

ग्रामीण इलाकों में सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से गांवों में कचरा जमा होने लगा है और सफाई व्यवस्था बिगड़ने लगी है। ग्रामीण भी बेपटरी हो रही सफाई व्यवस्था के प्रति आवाज उठाने लगे हैं लेकिन सरकार द्वारा सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर कोई ठोस आश्वासन नहीं दिया गया है। इससे सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबी खिचने की पूरी संभावना है।

Posted By: Jagran

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