रोहतक [केएस मोबिन] तेज बरसात में साइकिल से गुजरता व्यक्ति लघु शंका के लिए खेतों के पास रुकता है। तभी गर्जना के साथ आसमानी बिजली गिर जाती है। दूसरी ओर देर रात एक घर में दो जुड़वां बच्चों, सुरेंद्र और नरेंद्र का जन्म होता है। एक को मां से बिना पट्टे की टूटी घड़ी और दूसरे को पिता से बगैर पहियाें के टूटी साइकिल विरासत में मिलती है। दोनों भाईयों के बीच संवाद की यही एक मात्र कड़ी है। ओवर द टाप (ओटीटी) प्लेटफार्म, एमएक्स प्लेयर की फिल्म 'बारिश का तोहफा' क्लाइमेक्स तक आपकी आंखों को नम कर देती है। रिश्तों की आत्मीयता बयां करती इस शार्ट फिल्म को पंडित लख्मीचंद यूनिवर्सिटी आफ विजुअल एंड परफोर्मिंग आर्ट्स (पीएलसी सुपवा) के विद्यार्थियों ने बनाया है।

यह पहला मौका है जब पीएलसी सुपवा के विद्यार्थियों के इंडीपेंडेंट प्रोजेक्ट को इतने बड़े प्लेटफार्म पर जगह मिली है। हाल ही में एमएक्स फिल्म पर रिलीज हुई बारिश का तोहफा फिल्म को काफी सराहना मिल रही है। इससे पहले कई फिल्म फेस्टिवल में अवार्ड मिल चुके हैं। हाइफा फिल्म फेस्टिवल में बारिश का तोहफा को बेस्ट डायरेक्शन, बेस्ट फिल्म, बेस्ट सिनेमेटोग्राफी बेस्ट एक्टर के अवार्ड से नवाजा गया। फिल्म की पूरी कास्ट में सुपवा के विद्यार्थी हैं। मुख्य पात्र सुपवा के पूर्व छात्र योगश भारद्वाज ने निभाया है। योगेश डबल रोल में दिखे हैं। डायरेक्शन, शशांक विराग और हर्ष विराग ने किया है। सिनेमेटोग्राफी, साउंड रिकार्डिंग, हर्ष विराग ने की। इसके अलावा हेमंत इंदौरा, जय अहलावत कास्ट में शामिल रहें।

ढाई दिन में शूट हुआ, बारिश के दृश्यों के लिए किया इंतजार

फिल्म के को-डायरेक्टर-सिनेमेटोग्राफर हर्ष विराग बताते हैं कि बारिश का तोहफा की स्क्रिप्ट कालेज टाइम में लिखी थी। गत वर्ष लाकडाउन के दौरान फिल्म की शूटिंग की। दोस्तों से मुलाकात में कुछ नया करने पर चर्चा हुई थी। पुरानी स्क्रिप्ट में कुछ बदलाव किए और शूटिंग शुरू कर दी। फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे योगेश के गांव बसाना में शूटिंग लोकेशन तय की गई। बारिश के दृश्यों को प्रभावी बनाने के लिए मानसून का लंबा इंतजार तक किया गया। ढाई दिन शूटिंग और पोस्ट प्रोडक्शन में 10 दिन लगे। करीब 40 हजार रुपये खर्च हुए।

जानिए कास्ट को

रोहतक के बसाना गांव निवासी योगेश भारद्वाज मुंबई में बतौर कास्टिंग डायरेक्टर काम कर रहे हैं। सुपवा में एक्टिंग का कोर्स किया है। कई बालीवुड फिल्मों में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया है। बालीवुड एक्टर जयदीप अहलावत को अपना आदर्श मानते हैं। सुपवा से एक्टिंग कोर्स किया है।

- योगेश भारद्वाज, एक्टर।

-- बालीवुड फिल्म तोरबाज में बतौर असिस्टेंट सिनेमेटोग्राफर काम कर चुके 26 वर्षीय शशांक ने सुपवा से सिनेमेटोग्राफी का कोर्स किया है। वह संस्थान के पहले ऐसे छात्र हैं जिन्होंने बड़े बैनर की बालीवुड फिल्म में बतौर सिनेमेटोग्राफर काम किया है। जोकि, नेटफ्लिक्स पर इसी वर्ष रिलीज हुई।

- शशांक विराग, को-डायरेक्टर।

-- -- 32 वर्षीय हर्ष सुपवा से पासआउट हैं। यहां से सिनेमेटोग्राफी का कोर्स किया है। को-डायरेक्टर, शशांक विराग के बड़े भाई हैं। इन्होंने शशांक से एक वर्ष बाद 2013-14 में सुपवा में एडमिशन लिया। इस तरह बड़ा भाई कालेज में छाेटे भाई का जूनियर रहा।

- हर्ष विराग, सिनेमेटोग्राफर, साउंड रिकार्डिस्ट।

-- - सुपवा से सिनेमेटोग्राफी का कोर्स कर रहे हेमंत इंदौरा रोहतक के भारण गांव से संबंध रखते हैं। शहर के हिसार बाईपास पर निवास है। फिल्म में बतौर असिस्टेंट सिनेमेटोग्राफर काम किया है। इनके पिता दलबीर सिंह रागिनी गायक हैं। घर से ही कला के प्रति इनका रुझान हुआ।

- हेमंत इंदौरा, असिस्टेंट सिनेमेटोग्राफर।

-- -जय अहलावत, सुपवा से सिनेमेटोग्राफी का कोर्स का रहे हैं। बारिश का तोहफा फिल्म में बतौर सिनेमेटोग्राफर काम कर रहे हैं। शहर में ही निवास है। फिलहाल, जय अहलावत का संस्थान में सिनेमेटोग्राफी का फाइनल ईयर चल रहा है।

- जय अहलावत, असिस्टेंट सिनेमेटोग्राफर।

 

Edited By: Manoj Kumar