रोहतक, जागरण संवाददाता। रोहतक पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले प्रोजेक्ट एस्टेट आफिसर की लापरवाही के कारण अब देरी से शुरू होंगे। कारण यह रहा कि प्रोजेक्ट काे लेकर जो नक्शे डीएमइआर कार्यालय को भेजे जाने थे, वो एस्टेट कार्यालय ने नान अधिकृत आर्किटेक्ट से तैयार करवा कर भेज दिए। जो कि डीएमइआर कार्यालय की टेक्निकल शाखा ने मामला पकड़ लिया। मामला पकड़ में आने के बाद अप्रूवल केे लिए भेजी गई फाइल वापस हेल्थ विवि को भेज दी गई।

पीजीआइ प्रबंधन ने अब चार लाख रुपये में आर्किटेक्ट के साथ टाइअप

पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय में आपात विभाग की छह मंजिला इमारत, सेंट्रल लाइब्रेरी, वीआइपी वार्ड, हास्टल के भवन बनने हैं। विवि की ओर से सभी प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर बजट के लिए डीएमइआर को भेजे गए। वहां से आब्जेक्शन लगकर फाइल लौटी तो अधिकारियों ने माथा पकड़ लिया। क्योंकि एस्टेट कार्यालय ने नान अधिकृत आर्किटेक्ट से तैयार करवा कर इन्हें भिजवाया था। प्रंबधन अब मामला लेटलतीफी से बचाने के लिए अब चार लाख रुपये में एक आर्किटेक्ट से टाइअप किया है। जिससे नक्शे नए सिरे तैयार करवा कर डीएमइआर को भेजे जाएंगे। जिसके बाद इन प्रोजेक्ट के लिए पैसा रिलीज होने की उम्मीद है।

प्रबंधन ने नहीं लिया कोई एक्शन

विभागीय कार्य को गलत तरीके से करने के लिए लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ पीजीआइ प्रबंधन ने कोई एक्शन नहीं लिया। अगर गैर अधिकृत आर्किटेक्ट से बनाया गया भवन प्लान पास हो जाता और उनके अनुसार भवन बनता तो इसकी कतई उम्मीद नहीं थी कि भवन कब तक टिक पाता। गैर अधिकृत आर्किटेक्ट के प्लान में कितनी खामियां निकलती यह तो भवन बनने के बाद ही पता चलता लेकिन इस प्रकार की लापरवाही के लिए अभयदान किसी दिन हेल्थ विवि को मुसीबत में डालने वाला है।

Edited By: Naveen Dalal