संवाद सहयोगी, हिसार : पांच सितंबर को सरकार द्वारा रोडवेज यूनियन के प्रति कड़ा रुख अपनाने के विरोध में सोमवार को हरियाणा रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने काला दिवस मनाया। इसमें उन्होंने सरकार के रवैये पर रोष जताया। साथ ही काले झंडों के साथ बाजारों, बस अड्डे और नागरिक अस्पताल तक जुलूस निकालते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व डिपो प्रधान राम¨सह बिश्नोई, सतपाल डाबला, बहादुर ¨सह संडवा, रमेश माल व पवन बूरा ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर कई जन संगठनों ने शामिल होकर रोडवेज व स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का समर्थन किया। इस अवसर पर रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने 15 सितंबर को जाट धर्मशाला में राज्य स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन बुलाकर आगे के आंदोलन का ऐलान करने का निर्णय लिया। प्रदर्शन से पूर्व अग्रसेन चौक पर आयोजित जनसभा को ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य रमेश सैनी, सूरजमल पाबड़ा, सुभाष ढिल्लो व अरुण शर्मा ने कहा कि सरकार जनहित में सरकारी बसों का बेड़ा बढ़ाने एवं नियमित भर्ती करके बेरोजगारों को रोजगार देने की बजाय अपने चहेते ट्रांसपोर्टरों की प्राइवेट बसें किराये पर लेकर परिवहन विभाग को तबाह करने पर तुली है। जनसभा को जन संगठनों के साझा मोर्चा के का. कृष्णस्वरूप गोरखपुरिया, किसान मंच के रमेश बैनीवाल, भवन निर्माण कामगार यूनियन के शेर¨सह, आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान बिमला राठी, इंटक के जिला प्रधान कृष्ण नैन, रोडवेज यूनियन के राजबीर दुहन, रामकुमार जांगड़ा, देशबंधु, विजय ¨सह, डा. करतार ¨सह, सतबीर ¨सह पूनिया सहित अन्य संगठनों के नेताओं ने संबोधित किया।

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