जागरण संवाददाता, हिसार: तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण अधिक फैल रहा है। हिसार में कोरोना के एक्टिव केस 1642 हो चुके हैं। तीसरी लहर में कुल 3166 मामले मिल चुके हैं। एक महीने में ही कोरोना केसों की संख्‍या कई गुना बढ़ चुकी है। शाम छह बजे ही हरियाणा के 19 जिलों में बाजार बंद करवा दिए जा रहे हैं। मगर इतने केस होने के बावजूद राहत की बात यह है कि इस लहर में संक्रमित लोग गंभीर स्थिति में नहीं पहुंच रहे हैं। जबकि पहली दो लहरों में संक्रमित होने पर 70 प्रतिशत लोग सांस और बीपी की समस्या से गुजरे थे। उस दौरान काेरोना फेफड़ों पर अधिक असर डाल रहा था, इस कारण लोगों की सांस फूल रही थी और उन्हें आक्सीजन और वेंटीलेटर की अधिक जरूरत पड़ी थी।

इस कारण हर तीसरे मरीज का सिटी स्कैन भी करवाना पड़ रहा था, लेकिन अब चिकित्सक मान रहे हैं कि तीसरी लहर में कोरोना सिर्फ गले तक ही अटैक कर पा रहा है, फेफड़ों में कोरोना नहीं पहुंच रहा है। जिसके कारण 1642 मरीजों में से पांच प्रतिशत का ही सिटी स्कैन करने की आवश्यकता पड़ी है, ये भी वे हैं, जिन्हें अस्पतालों में दाखिल करवाया गया है। इस बार होम आइसोलेशन में ही मरीज तीन से चार दिन में स्वस्थ हो रहे हैं। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में अब तक तक अधिक से अधिक एक बार में 18 संक्रमित दाखिल हुए हैं। इनमें से भी किसी का सिटी स्कैन करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है। सिटी स्कैन करके चिकित्सक संक्रमितों में फेफड़ों में संक्रमण की स्थिति की जांच करके जानते है कि कोरोना ने फेफड़ों पर कितना असर डाला है।

----तीसरी लहर में मिले अब तक के मामलों में देखने में आया है कि अधिकतर मामलाें में कोरोना मरीजों के गले तक ही पहुंचा है, अभी काेरोना फेफड़ों पर प्रभाव नहीं डाल रहा है। यह गले में रहकर अधिक संकमण फैला रहा है। छींकने और जुकाम से संक्रमण अधिक फैल रहा है। न ही अभी तक सिटी स्कैन की अधिक जरूरत पड़ी है।

डा. अजय चुघ, फिजीशियन, सिविल अस्पताल, हिसार।

Edited By: Manoj Kumar