जागरण संवाददाता, हिसार: रामपुरा मोहल्ला स्थित गीता भवन में चैत्र नवरात्रों के उपलक्ष्य में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा रविवार को संपन्न हुई। रामायण का भोग डालकर राम-नाम की चर्चा के बाद कीर्तन का आयोजन किया गया। भजनोपदेशक व उपदेशक त्रिभुवन बक्शी ने कहा कि भगवान के भक्त को हमेशा सावधान रहना चाहिये। भक्त को सोचना चाहिए कि मेरे से किसी का अहित न हो जाए। सब जगह सब रूपों में भगवान के ही दर्शन करने चाहिए। भला करने वाले का भगवान स्वयं भला करते हैं। दूसरों के अवगुणों को देखने की बजाये पहले अपने अवगुणों को दूर करना चाहिए। हमें अच्छी बातों को ग्रहण करना चाहिए ताकि जीवन तनावमुक्त रहे। भजनोपदेशक सुभाष राजपाल, लक्की व पूजा ने भी भजन प्रस्तुत किए। चेतन गर्ग ने गीता पाठ की व्याख्या की। डा. उर्मिल गर्ग ने लघु कथाओं के माध्यम से प्रवचन दिए। राम नाम की 108 माला के साथ कार्यक्रम की समाप्ति की गई और प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर सभा की प्रधान उषा बक्शी, महामंत्री दयानंद बंसल, कोषाध्यक्ष विनोद गोयल, बजरंग गोयल, कर्नल श्यामसुंदर राजपाल, हरिप्रकाश सिगल, विष्णु नागपाल, रामकिशन चावला, रामदित्ता तनेजा, अत्तरचंद भुटानी, आनंद तनेजा, महेश बंसल, कृष्ण महता, राजू नागपाल, अमर हंस आदि भी उपस्थित रहे।

आज़ादी की 72वीं वर्षगाँठ पर भेजें देश भक्ति से जुड़ी कविता, शायरी, कहानी और जीतें फोन, डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran