जागरण संवाददाता, हिसार। डाकघरों में 24 घंटों से प्लास्टिक के कट्टों में बंद पड़ी डाक आखिरकार वीरवार को बंटना शुरू हुई। रात तक यह राखी भाइयों तक पहुंची। इनमें कोई राखी की डाक दूसरे राज्य तो कोई विदेश से आई हुई थी। दूरदराज क्षेत्राें में रहने वाली बहनों ने अपने भाइयों के लिए डाक में राखी भेजी थी। दरअसल कुछ जगहों पर वीरवार को ही रक्षाबंधन का त्योहार मना लिया गया तो कई जगह पर शुक्रवार को मनाई जाएगी। जिन भाइयों तक आज राखी पहुंची गई तो उनके लिए अच्छा रहा। अगर किसी के पास डाक में राखी नहीं पहुंची तो आज दोपहर से पहले पहुंचेगी।

रामपाल के नाम पर करीब 100 डाक राखी आई हुई थी और सिरसा डेरा बाबा के नाम पर भी पांच से छह डाक आई हुई थी। अब यह डाक पहुंचाई जानी है। इसके लिए कर्मियों की ड्यूटी लगी है। पिछले साल भी रामपाल के नाम पर 100 से ज्यादा डाक राखी आई थी।

इस बार डाक से राखी का रूझान कम देखने को मिला, क्योंकि इस बार बहनों ने आनलाइन माध्यम से ज्यादा राखी भेजी है। फिर भी डाक से काफी राखी आई हुई थी। इसके लिए सभी डाकिया अल सुबह से डाक बांटने में लगे थे। वरना डाक न पहुंचने पर भारी परेशानी उठानी पड़ती।

यह था कारण

बुधवार को हिसार मंडल सहित प्रदेश के सभी डाकखानों में सोमवार को एक दिवसीय हड़ताल रही थी। हड़ताल की वजह से डाकखानों में करीब 5 हजार डाक नहीं बांटी गई और अन्य काम प्रभावित रहा। रक्षाबंधन के चलते दूरदराज क्षेत्र में रहने वाली बहनों ने अपने भाइयों के लिए राखी की डाक भेजी थी, ताकि उनके पास पहुंच सके। ऐसा नहीं हो सका। हालांकि, शाम को ही डाक अधीक्षक ने आदेश जारी किए थे कि वीरवार अल सुबह से ही राखी की डाक बांटनी होगी। वरना सख्त कार्रवाई की जाएगी।

---------------

आल इंडिया पोस्टल इंप्लाइज यूनियन के सचिव नवीन जैन ने बताया कि तीन साल पहले ही इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के नाम से प्राइवेट सिस्टम शुरू किया था। अब सरकार डाकघर की सभी छोटी बचत योजनाओं को इसी प्राइवेट बैंक को सौंपने जा रही है। अगर डाक विभाग को प्राइवेट पोस्ट बैंक को सौंपा गया तो इसका पूरी तरह विरोध किया जाएगा। सुबह 10 से 12 बजे तक डाक कर्मी हड़ताल पर बैठे रहे। इसके बाद यह कर्मी विरोध में काम बंद कर घर चले गए।

Edited By: Manoj Kumar