फतेहाबाद/हिसार, जेएनएन। भट्टूमण्डी के रेलवे फाटक पर सवारियोंं से भरी बस पर फाटक का बूम (बैरियर) गिर गया। यह बैरियर रेलवे लाईन की हाई वोल्टेज तारों से छू गया। तार से बैरियर के छूते ही चिंगारियां निकलने पर सवारियां भाग कर नीचे उतरने लगी और भगदड़ सी मच गई। मगर गनीमत रही कि बड़ा हादसा होते होते बच गया।

इस घटना में रेवाड़ी से चलकर फाजिल्का जाने वाली सवारी रेलगाड़ी करीब डेढ़ घंटे तक आउटर पर खड़ी रही। इस हादसे की सूचना स्टेशन मास्टर वासुदेव भगत ने उच्चाधिकारियों को दी। जिस पर तकनीकी अधिकारियों ने मौकेे पर आकर करंट को डिस्चार्ज कर बस को लाईन के बीच से हटवाया। इसके बाद सवारी गाड़ी को अपने गंतव्य की ओर रवाना किया गया।

मंगलवार गांव रामसरा से रोडवेज बस सवारियां भर कर फतेहाबाद जा रही थी। भट्टूमण्डी में रेलवे फाटक क्रास करते समय फाटक का बैरियर टूट कर बस पर गिर गया। यह बैरियर रेलवे लाइन की 25000 हाई वोल्टेज तार से छू गया। जिससे चिंगारियां निकलने लगी। चिंगारियां देख सवारियों में अफरा तफरी बच गई और सवारियां बस से नीचे उतर गई।

जिस पर तकनीकी अधिकारियों ने तुरन्त लाइन का कंरट बन्द कर दिया। करंट बन्द होने के बावजूद भी इस लाइन में करीब 3000 वोल्टेज का करंट रह जाता है। जिसे डिस्चार्ज करना पड़ता है। बाद में विभाग के तकनीकी अधिकारियों ने मौके पर पंहुच कर करंट डिस्चार्ज कर बस को हटवाया। इस बारे में रोडवेज बस चालक राजेश कुमार ने बताया कि इस बस में करीब 70 सवारियों से खचाखच भरी हुई थी। बस को रेलवे फाटक को क्रास करते समय फाटक का बैरियर टूट कर बस पर गिर गया।

रेलवे विभाग के गेट मेन सुमित ने बताया कि किसान एक्सप्रेस गाड़ी के जाने के बाद फाटक खुलते ही वाहनों का आवागमन शुरू हो गया। फाटक सही प्रकार से पूरा खुला हुआ था। बस के बैरियर से टकराने की आवाज के बाद वह कमरे से बाहर आया और घटना की सूचना स्टेशन मास्टर को दी।

बता दें कि सोमवार सांय करीब साढ़े आठ बजे यही बैरियर एक टाटा एस के उपर लदे चारपाई से टकरा कर मुड़ गया था। जिसे बाद में रेलवे के अधिकारियों व गणमान्य लोगों ने पंचायती तौर पर समझौता कर मामले को सुलटा दिया था। करीब 12 घण्टे बाद ही यह हादसा अब दोबारा हो गया। रेलवे कर्मचारी इस कमजोर बैरियर की बार बार मरम्मत कर चलाने की कोशिश कर रहे हैं।

Posted By: Manoj Kumar

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