जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार की सेंट्रल जेल में मोबाइल मिलने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। लेकिन इन पर शिकंजा कसना जेल प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए मुश्किल होता जा रहा है। सेंट्रल जेल में कैदियों के पास से मोबाइल ऐसे मिलते हैं जैसे कोई सामान्य बात हो, यहां हर दूसरे तीसरे दिन मोबाइल मिलने के मामले सामने आने लगे हैं।

चैकिंग के दौरान मिले मोबाइल

ताजा मामले में वीरवार रात लगभग 10:30 बजे जेल के उप अधीक्षक सतपाल कासनिया, उप अधीक्षक वरुण कुमार, सहायक अधीक्षक जेल सुमित कुमार, सुरेन्द्र सिंह, सहायक अधीक्षक  प्रदीप कुमार तथा ड्यूटी पर तैनात तमाम गार्ड के साथ मिलकर ब्लाक नंबर. 10,13, 2 की औचक तलाशी करवाई। तलाशी के दौरान ब्लाक नंबर 10 के कमरा नंबर एक के बाथरुम में हवालाती बन्दी फरमान की गतिविधियां संदिग्ध पाई गई। उप अधीक्षक वरुण कुमार व सहायक अधीक्षक सुरेन्द्र सिंह द्वारा उक्त बन्दी से सख्ती से पेश आने पर बंदी ने बाथरुम में रखी बाल्टी से एक मोबाइल फोन निकालकर दिया।  इसके अतिरिक्त ब्लाक नंबर दो के कमरा नंबर एक से हवालाती बन्दी आशीष उर्फ बिल्ला से तलाशी के दौरान वार्डर सुभाष चोपड़ा बैल्ट नंबर ने एक मोबाइल जिसका आईइएमआई नंबर मिटाया हुआ बरामद किया। यह मोबाइल प्रदीप कुमार के हवाले किया गया। सहायक अधीक्षक प्रदीप कुमार ने उक्त मोबाइल फोन को उप अधीक्षक जेल वरुण कुमार के सुपुर्द किया। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर लिया हैं।

इससे पहले भी सामने आये ऐसे मामले

इससे पहले भी मोबाइल मिलने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। जिसके बाद जिला पुलिस ने सेंट्रल जेल वन में पीएल एरिया की तरफ बनी दीवार के साथ गार्ड की तैनाती करवाई है। लेकिन इसके बावजूद जेल में मोबाइल मिलने के मामलों में कोई कमी नहीं आ रही है। पिछले छह महीने में जेल में मोबाइल मिलने के कई मामले सामने आ चुके हैं।

Edited By: Rajesh Kumar