जेएनएन, हिसार : जाट कॉलेज का विवादों से पुराना नाता है। अब कॉलेज में हॉस्टल खुलवाने का मामला शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। आमरण अनशन पर बैठे छात्र की तबीयत बिगड़ने के बावजूद मंगलवार को वो फिर से धरने पर पहुंच गए। वहीं बुधवार को जाट कॉलेज के मेन गेट पर छात्रों ने फिर से प्रदर्शन किया। ऐसे में माहौल को बिगड़ता देख मौके पर आरएएफ भी पहुंची। वहीं इसके बाद कॉलेज के गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई और विद्यार्थियों के आइडी कार्ड देखने के बाद ही उन्हें अंदर जाने दिया। दस साल पहले एक विवाद के चलते लड़कों के हॉस्टल को बंद कर दिया था। अब इसे खुलवाने के लिए छात्र लगातार आंदोलन कर रहे हैं। बीते मंगलवार को कालेज में स्टूडेंट्स ने कालेज प्रागण में कैंटीन और हॉस्टल खोले जाने की बात को लेकर हंगामा कर दिया। वहीं बीते शुक्रवार को विद्यार्थियों ने फिर से प्रदर्शन किया। इतना ही नहीं विद्यार्थियों ने अर्धनग्न हो कॉलेज के गेट के सामने जाट कॉलेज प्रशासन मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इसके बाद काफी संख्या में पहुंचे विद्यार्थियों ने हाथों में बैनर ले रोड पर विरोध जुलूस निकाला। इसके चलते मटका चौक क्षेत्र में जाम की स्थिति भी बनी रही। छात्रों ने कहा कि हॉस्टल और कॉलेज को खुलवाने के लिए वो आमरण अनशन जारी रखेंगे।

इसके लिए छात्रों ने तीन महीने पहले भी प्रदर्शन किया था तो वहीं बीते मंगलवार को भी छात्र बरामदे में बैठ गए और प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्रिंसिपल कार्यालय का घेराव कर नारेबाजी की और रोष प्रदर्शन किया। छात्रों ने बरामदों में ही डेरा डाल लिया और घटों तक वहीं बैठे रहे। छात्रों ने कहा कि पिछले कई सालों से कालेज में कैंटीन नहीं है। जिसके चलते उन्हें बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छात्र मनीष, कपिल, राम, आनंद, सुधीर, रमन, मनप्रीत ने कहा कि कालेज में कक्षाएं छूटने या कक्षा नहीं लगने पर स्टूडेंट्स को खाने पीने के लिए बहुत दूर जाना पड़ता है। इतना ही नहीं कालेज के बाहर बनी कैंटीन या दुकानों में खाने पीने के सामान के ज्यादा पैसे लिए जाते हैं। जिसके कारण आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा दूर जाने से वापस आने तक कक्षा का समय भी निकल जाता है ऐसे में पढ़ाई को लेकर भी नुकसान उठाना पड़ता है।

कालेज प्रशासन की ओर से छात्रों से बात की गई और इसके बाद मामला शात हुआ। मगर इस हंगामे के दौरान कालेज में कक्षाएं सही से नहीं लग पाई और पढ़ाई प्रभावित भी रही। दस साल पहले इसलिए बंद हुआ था हॉस्टल

बता दें कि जाट कॉलेज में छात्राओं और लड़कों के हॉस्टल का गेट आमने सामने है। दस साल पहले भी छात्राओं के हॉस्टल में एक कार्यक्रम के दौरान लड़कों ने हस्तक्षेप करते हुए हंगामा कर दिया था, छात्राओं ने लड़कों पर छात्रावास में घुस गलत हरकतें करने के आरोप लगाए थे। छात्राओं ने इस मुद्दे को लेकर भारी हंगामा किया था जिसके बाद मामले को तूल पकड़ते देख कॉलेज प्रशासन ने हॉस्टल को ही बंद कर दिया था। हालांकि छात्राओं की सुरक्षा की दृष्टि से हॉस्टल बंद करने की बात कही गई थी। इसके बाद बीच में कुछ समय के लिए कॉलेज में कैंटीन भी खोली गई थी मगर बाद में इसे भी बंद कर दिया गया था।

Posted By: Jagran