हिसार, जागरण संवाददाता। हिसार में निजी अस्पतालों में कोरोना काल में ओवरचार्जिंग के मामलों पर नजर रखने के लिए प्रशासन ने कमेटी गठित की है, जो निजी अस्पतालों की मानटरिंग करके रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग और मुख्यालय को भेजेगी। वहीं अब तीसरी लहर में दोबारा जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रोजाना पंचकूला स्थित मुख्यालय को अस्पतालों में बेड की स्थिति, आक्सीजन सिलेंडर और आईसीयू बेड की संख्या, रेमेडेसिविर इंजेक्शन की संख्या, वेंटीलेटर और वेंटीलेटर बेड की संख्या सहित कोरोना केसों की डेथ आडिट की रिपोर्ट प्रतिदिन भेजनी होगी।

कोरोना की तीसरी लहर बनी मरीजों के लिए आफत

मुख्यालय की ओर से इसे बारे में जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सूचना जारी की गई है। गौरतलब है कि बढ़ते कोरोना केस को लेकर जिले में मुख्यालय के आदेशों पर स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ानी शुरु कर दी है। निजी अस्पतालों को आक्सीजन, बेड, वेंटीलेटर बेड, आक्सीजन बेड की संख्या प्रतिदिन मांगी जा रही है। निजी अस्पतालों को यह रिपोर्ट रोजाना विभाग को भेजनी होगी और विभाग की तरफ से इस रिपोर्ट को मुख्यालय भेजा जाएगा। यह रिपोर्ट मंगवाने का उद्धेश्य मरीजों को निर्धारित दरों पर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाना है। ताकि पहली और दूसरी लहर में जो जिन समस्याओं का मरीजों को सामना करना पड़ा था, वे समस्या तीसरी लहर में सामने न आए।

जिले में कोरोना से 1142 लोगों की मौत

हिसार में दूसरी लहर में आक्सीजन की भारी किल्लत उठानी पड़ी थी, शहर के एक निजी अस्पताल में आक्सीजन की आपूर्ति देरी से होने से पांच मरीजों की मौत भी हुई थी। वही दूसरी लहर में बेड, आक्सीजन बेड, वेंटीलेटर बेड के लिए  मारामारी देखने को मिली थी, सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार के कारण जिले के अस्पतालों में बेड नहीं मिले तो जिलावासियों को फतेहाबाद, सिरसा, रोहतक, दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से अबकि बार आक्सीजन सुविधा, बेड की कमी ना हो, इसके लिए डेडिकेटिड अस्पतालों की सुविधा, वेंटीलेटर की सुविधा आदि शुरुआत से तैयारी की जा रही है। अब जिले में कोरोना के एक्टिव केस बढ़कर 331 पर पहुंच गए है। हिसार में ओमिक्रोन के दो मामले भी सामने आ चुके है। अब तक जिले में कोरोना से 1142 लोगों की मौत भी हो चुकी है।

Edited By: Naveen Dalal