हिसार, जेएनएन। सिविल अस्पताल प्रशासन की ओर से बुधवार को कोरोना जांच के लिए रोहतक मेडिकल भेजे गए छह सैंपल वापस भेज दिए गए। जानकारी के अनुसार ट्रेवल हिस्ट्री न होने और लक्षण न होने पर रोहतक मेडिकल की ओर से सैंपल अस्वीकार किए गए। सिविल अस्पताल की ओर से भेजे गए 19 सैंपल में से नौ सैंपल को रोहतक मेडिकल की लैब से वापस भेजा गया है।

वहीं हांसी के एक गांव का युवक गुरुग्राम से पिछले सप्ताह लौटा था, बुखार और शरीर में कमजोरी हुई तो हांसी सिविल में जांचे के लिए पहुंचा। वहां से हिसार सिविल अस्पताल भेजा गया। हिसार सिविल अस्पताल से अग्रोहा रेफर किया गया। वहां उसे आइसोलेशन में दाखिल किया गया है। अग्रोहा मेडिकल से भेजे गए चिकित्सक का सैंपल रिजेक्ट होने पर दोबारा भेजा गया है। अग्रोहा के आइसोलेशन वार्ड में छह मरीज दाखिल है। हांसी से कुल तीन मरीजों को रेफर कर हिसार और हिसार से अग्रोहा भेजा गया।

जॉर्जिया, मुंबई, हिमाचल सहित प्रदेश के अन्य जिलों से 100 लोग जांच के लिए पहुंचे, मुंबई और हिमाचल से भी लौटे थे दो युवक

ट्राइएज में गुरुवार दोपहर 3 बजे तक जॉर्जिया, मुंबई, हिमाचल प्रदेश सहित जिले से खांसी, जुकाम, बुखार के करीब 100 लोग जांच करवाने के लिए पहुंचे। जार्जिया से लौटे शहर निवासी युवक को होम कोरन टाइम के निर्देश दिए गए। यह युवक 10 मार्च को जार्जिया से लौटा था। जुकाम होने जांच के लिए सिविल अस्पताल पहुंचा था। वहीं शहर निवासी दो युवक सोमवार शाम को मुंबई व हिमाचल से लौटे थे। खांसी, जुकाम की शिकायत होने पर जांच के लिए आए। दोनों में कोई कोरोना संदिग्ध लक्षण नहीं मिले तो उन्हें घर भेज दिया गया।

गुरुवार को पहुंचे 96 लोग

सिविल अस्पताल में खांसी, जुकाम, बुखार संबंधित मरीज काफी कम पहुंच रहे हैं। बुधवार को 100, मंगलवार को 200 और गुरुवार को 96 लोग पहुंचे। सामान्य दिनों में फिजिशियन के पास ओपीडी 300 से 350 के पास रहती है। गुरुवार को अस्पताल की इमरजेंसी व बाल रोग ओपीडी व गायनी ओपीडी खुली रही और वहां पर तैनात डॉक्टर, नर्स स्टाफ मुस्तैद रहे। वहीं, दोपहर को चंदन नगर निवासी एक दंपति अपने बच्चों सहित जांच करवाने के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचे।

Posted By: Anurag Shukla

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