भिवानी, जेएनएन। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी आइएमए से पास आउट हुए भिवानी और चरखी दादरी के चार होनहार सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। भिवानी के अनिरूद्ध सांगवान, विनय लुहाच और अंकुर और चरखी दादरी के अजय लोहचब पासिंग आउट परेड में शामिल हुए। अब वे भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर निर्धारित 28 व 29 दिसंबर को ज्वाइनिंग करेंगे। बेटों की इस उपलब्धि पर परिजनों मेंं खुशी की लहर है। खास बात ये है कि ये होनहार बिना किसी कोचिंग के इस मुकाम तक पहुंचे हैं।

अंकुर ने कर दी मन की मुराद पूरी, देश सेवा के लिए रहा उसमें गजब जज्बा

बेटे ने मन की मुराद पूरी कर दी। हमें अपने बेटे पर गर्व है। यह कहना था अंकुर की मां अध्यापिका नीलम कुमारी और हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड में कार्यरत पिता कुलदीप बुधवार का। उन्होंंने बताया कि अंकुर आरंभ से ही मेहनती रहा है। उसने लेफ्टिनेंट बन कर हमारा गौरव बढ़ाया है। 2015 में 12वीं करने के बाद उसने एनडीए की और अब देहरादून से पास आउट होकर वह सेना में अपनी सेवाएं देगा। हमें बहुत खुशी है। अंकुर का बड़ा भाई सचिन इंजीनियर है। सेक्टर 13 निवासी अंकुर बुधवार ने दूरभाष पर कहा कि नियमित रूप से मेहनत किसी भी मुकाम को दिलाती है। उसने भी हमेशा इस नियम को आधार बनाया और कायामबी मिली। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया है।

अनिरुद्ध सांगवान की उपलब्धि पर माता-पिता ने बेटे को दिया आशीर्वाद

गांव छपार निवासी और फिलहाल सेक्टर 13 में रहे रहे स्कूल लेक्चरर रमेश सांगवान ने बताया कि बेटा अनिरुद्ध आरंभ से ही टैलेंट का धनी रहा है। एनडीए करने के बाद अब वह देहरादून भारतीय सैन्य अकादमी से पास आउट हुआ है। अनिरुद्ध सांगवान लेफ्टिनेंट के पद चयनित हुए हैं और 28 दिसंबर को आम्र्ड फोर्स में जैसलमेर में ज्वाइन करेंगे। अनिरूद्ध ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, दादा- दादी और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि पक्का इरादा हो तो मंजिल मिल जाती है। बस नियमित रूप से तैयारी की तो उनको यह मुकाम मिला है। भारत मां की सेवा करने का मौका मिला है उस पर मैं खरा उतरूंगा। गुरुग्राम के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बतौर प्राचार्य कार्यरत अनिरूद्ध की मां वर्षा सांगवान ने कहा कि बेटे की उपलब्धि पर उनको गर्व है। परदादी छोटी देवी और दादी वीरमती बोली पोते नै निहाल कर दिए। दादा कैप्टन हवाङ्क्षसह सांगवान पोते की इस उपलब्धि से खुश थे और बोले हमने सेना में देश की सेवा की है अब पोता भी देश सेवा करेगा हमारे लिए यह बहुत बड़ी खुशी है। अनिरुद्ध के लेफ्टिनेंट बनने पर दादरी के पूर्व विधायक मेजर नृपेंद्र ङ्क्षसह, भिवानी बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान प्रदीप बजाड़, प्रो. जागेराम, सेवानिवृत्त प्राचार्य केपी सांगवान आदि ने बधाई दी और उसके उज्वल भविष्य की कामना की।

विनय लुहाच की कामयाबी ने दिलाई खुशी

गांव सिवाड़ा निवासी और वर्तमान में भिवानी में रह रहे विनय लुहाच की कामयाबी से खुशी छाई है। घर में बधाइयों का दौर चल रहा है। एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर बधाई दी जा रही है। देहरादून की भारतीय सैन्य अकादमी आइएमए से पास आउट हुए और लेफ्टिनेंट बने विनय ने यह कामयाबी बिना किसी कोङ्क्षचग के पाई है। इस उपलब्धि पर उनके माता-पिता और दूसरे परिजन फूले नहीं समा रहे हैं। पिता जयबीर ङ्क्षसह और मां मीनाक्षी कहते हैं कि बेटे ने लेफ्टिनेंट बन कर उनके मन की मुराद पूरी कर दी। हमें अपने बेटे पर गर्व है। उसने यह उपलब्धि बिना किसी कोङ्क्षचग आदि के पाई है। वह आरंभ से ही टैलेंट का धनी रहा है। आदर्श अकादमी के संचालक शमशेर ङ्क्षसह ने बताया कि भतीजे ने शानदार उपलब्धि हासिल की है और अब वह सेना में रह कर भारत माता की सेवा करेगा। दादा मा. रणधीर ङ्क्षसह और दादी धुप्पी देवी ने पोते की उपलब्धि पर उसे आशीर्वाद दिया और कहा कि पोते की कामयाबी से खुश हैं और वह हमेशा खुश रहे और देश सेवा करे।

आईएमए देहरादून में अजय ने ली शपथ, कर्नल पिता ने बेटे को सौंपा फ्लैग

पवन शर्मा, बाढड़ा : गांव खोरड़ा निवासी एनडीए कैडेट अजय लोहचब ने आईएमए देहरादून में पासिंग आऊट परेड में भागेदारी कर लेफ्टिनेंट पद की शपथ ली। उनके पिता धनसिंह लोहचब भी सेना में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने भारत माता के गगनभेदी नारों व सेना शौर्य की धुन के मध्य बेटे के कंधे पर आर्मी का फ्लैग लगाया।  रक्षामंत्री राजनाथ सिंह व सेनाध्यक्ष ने भी पिता-पुत्र की जोड़ी को बधाई देते हुए राष्ट्रसेवा के लिए समर्पित भावना को अन्य देशवासियों के लिए प्रेरणादायक बताया। गांव खोरड़ा निवासी भारतीय सेना के कर्नल धनसिंह लोहचब के पुत्र अजय कुमार बाल्यकाल से ही बहुत मेधावी थे। उन्होंने पिता के कदमों पर चलते हुए अजय कुमार ने एनडीए परीक्षा में भागेदारी की। 2015 में चयनित भी हो गए तथा लगातार तीन वर्ष तक खडग़वासला तथा एक वर्ष इंडियन मिलिट्री एकेडमी देहरादून के कड़े प्रशिक्षण के बाद 7 दिसंबर को देश के रक्षामंत्री राजनाथ ङ्क्षसह की मौजूदगी में उन्होंने लेफ्टिनेंट पद की शपथ लेकर राष्ट्रसेवा के लिए मर मिटने की कसम खाई। नवचयनित लेफ्टिनेंट अजय कुमार ने बताया कि बाल्यकाल से ही उनके पिता को वह सेना की वर्दी, कई बार सीमा पर जाने की घटनाएं देख रहे हैं जिससे उन्होंने उसी समय ठान लिया कि वह भी भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा में शामिल होंगे। कर्नल धनङ्क्षसह ने बताया कि उनके पिता रिछपाल ङ्क्षसह स्वयं खेतीबाड़ी करते थे लेकिन उन्होंने उनको सीमित संसाधनों के बावजूद उच्च शिक्षा दिलवाई। प्रशिक्षण के दौरान भी अजय ने अनेक प्रमाणपत्र जीत कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।

 

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