जागरण संवाददाता, फतेहाबाद। महिलाओं को वन स्टाप सेंटर(सखी) में मिलने वाली सभी सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाए ताकि वे मुसीबत के समय जरूरत पड़ने पर इस केंद्र की सेवाओं की मदद ले सकें। वन स्टाप सेंटर पर आने वाली पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। इसलिए महिलाओं को अपने साथ हो रहे अन्याय अथवा घरेलू हिंसा से बचाव के लिए इस केंद्र से सहायता लेनी चाहिए। जिला में वन स्टाप सेंटर में अब तक 469 केस आए है, जिनमें महिलाओं को कानूनी सहायता व आश्रय प्रदान किया गया है।

वन स्टाप सेंटर का औचक निरीक्षण

उपायुक्त महावीर कौशिक ने पुराने डीएसपी निवास स्थान पर बनाए गए वन स्टाप सेंटर (सखी) का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उपायुक्त ने जिला परिषद भवन में स्थित जुवेनाइल बोर्ड, जगजीवनपुरा में सीडब्लयूसी कार्यालय, पंचायत भवन स्थित सेफ हाउस का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों से कार्य प्रणाली बारे आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उपायुक्त ने एक्ट के अनुसार बच्चों के संरक्षण और उनके रखरखाव बारे अधिकारियों को निर्देश दिए। 

महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए उठाया गया कदम 

उपायुक्त कौशिक ने वन स्टाप सेंटर के निरीक्षण के दौरान कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ाने तथा घरेलू हिंसा पर रोक लगाने की दिशा में बनाई गई योजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया जाए। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उपायुक्त ने बताया कि इस सेंटर पर महिलाओं को पुलिस, परामर्श व आश्रय सहित सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध करवाई जाएंगे। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि इस केंद्र का अधिक से अधिक प्रचार किया जाए ताकि महिलाओं को इसके संबंध में जानकारी मिले और वे जरूरत के समय इससे मदद प्राप्त कर सकें। 

सेंटर से महिलाओं को मिल रहा इंसाफ

पीओ आईसीडीएस राजबाला ने बताया कि इस वन स्टाप सेंटर (सखी) का मुख्य उद्देश्य निजी व सार्वजनिक स्थानों पर परिवार, समुदाय के भीतर या बाहर व कार्यस्थल पर हिंसा से प्रभावित हुई महिला को सहयोग प्रदान किया जाता है। इसके तहत सहयोग के साथ-साथ उन्हें न्याय व पुनर्वास के लिए मदद दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस स्टाप सेंटर में पीडि़त महिलाओं को कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता तथा मनोवैज्ञानिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि यहां पर निशुल्क भोजन व रहने की व्यवस्था भी की गयी है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि यहां पर दी जाने वाली व्यवस्थाएं दुरुस्त रखें तथा पीडि़त महिलाएं जो यहां पर आएंगी उनका संपूर्ण ध्यान रखा जाए।

ये थे मौजूद 

इस अवसर पर सीडब्ल्यूसी के चेयरमैन नरेन्द्र मोंगा, सीडब्ल्यूसी सदस्य सुमन मिढ्ढा, दु्रगेश अरोड़ा, बिसपती गोदारा, जीत फुलां, डीपीसीओ देवेंद्र कुंडु, वन स्टॉप सेंटर की संचालिका रेणू चंदेल, सूरजीत बाजिया, एडवोकेट बृजेश सेवदा, कुलदीप कौर आदि मौजूद रहे।

Edited By: Rajesh Kumar