मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

जागरण संवाददाता, हिसार : मंगाली सुरतिया में रविवार रात को घर में घुसकर रिटायर एएसआइ रामधारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। शव का पोस्टमार्टम सोमवार को सिविल अस्पताल में किया गया। आजाद नगर थाना पुलिस ने इस संबंध में जजपा नेता होशियार सिंह, उसके भाई बलवंत और एक अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया है। गोली मृतक का दिल व फेफड़ा चीरकर पीठ के हिस्से में पहुंची थी।

मंगाली सुरतिया निवासी कमलेश ने पुलिस को बयान देकर कहा है कि वे नौ बहनें हैं और वह सबसे छोटी है। उसकी बाकी बहनें शादीशुदा हैं। रात को वह, उसकी बहन ऋतु, मां कृष्णा और पिता रामधारी सोने की तैयारी कर रहे थे। पिता बरामदे में चारपाई पर लेटे थे। हम अंदर लॉबी में लेटे थे। तभी उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसने देखा तो तीन आदमी पिता के पास खड़े थे। उसने शोर मचाया तो वे भाग निकले। पिता चारपाई पर खून से लथपथ पड़े थे। तभी चाचा यादराम और रामेश्वर वहां आ गए। वे उसके पिता को सिविल अस्पताल में ले गए। वहां उनकी मौत हो गई। कमलेश ने कहा कि उसे शक है कि पिता की हत्या सिघरान गांव के होशियार सिंह और उसके भाई बलवंत ने की है। उनके साथ हमारा जमीनी विवाद है। आजाद नगर थाना पुलिस ने दो नामजद समेत तीन के खिलाफ हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। सिघरान निवासी होशियार सिंह जजपा नेता हैं और वह इनेलो में रहते हुए नलवा हलका के अध्यक्ष रह चुके हैं। आजाद नगर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। रविवार रात को वारदात के बाद एसएचओ सुखजीत सिंह और सीआइए की टीम के सदस्य वारदात स्थल पर पहुंचे थे। पुलिस की जांच देर रात तक पूरी हुई थी। आरोप निराधार, आधी रात जांच में शामिल होने को तैयार : श्योराण

शक के आधार पर नामजद किए गए जजपा नेता होशियार सिंह के भतीजे एडवोकेट अनिल श्योराण ने बताया कि हत्या के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। उनके चाचा होशियार सिंह व बलवंत सिंह के खिलाफ यह झूठा केस दर्ज कराया गया है। रामधारी के साथ उनका कोई केस कोर्ट में नहीं चल रहा। उनके चाचा आधी रात को पुलिस की जांच में शामिल होने को तैयार हैं। एडवोकेट ने कहा कि पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी करना चाहिए।

.................

आठ महीने पहले भी मंगाली में हुआ था मर्डर

मंगाली में करीब आठ महीने पहले महाबीर नामक आदमी की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। उस रात महाबीर घर के चबूतरे पर बैठा था। हमलावर वारदात कर फरार हो गए थे। पुलिस ने उस मामले में गांव के सुरजीत और अन्य को गिरफ्तार किया था। बताया गया है कि उस मामले में दो युवक जुलाई महीने के आखिरी चरण में जमानत पर छूटे हैं। मृतक महाबीर और रिटायर एएसआइ रामधारी नजदीकी थे।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप