विक्रम बनेटा, रोहतक : कोरोना का ओमिक्रोन वैरिएंट नए लक्षण लेकर आया है। वर्तमान में मरीजों को सर्द रातों में भी पसीना आ रहा है। वहीं उन्हें मितली आकर उल्टी भी लग रही हैं। पीजीआइ के विशेषज्ञ व स्टेट कोविड नोडल अधिकारी डा. धु्रव चौधरी के अनुसार अधिकांश मरीजों में नए लक्षण आए हैं। ओमिक्रोन में मरीजों को शरीर टूट रहा है व गले में खारिश के साथ रात को पसीना के लक्षण देखने केा मिले हैं, जो कि नई बात है। पीजीआइ में भी इस समय दस मरीज भर्ती हैं व 100 अधिक हेल्थ केयर वर्कर संक्रमित हुए हैं। जिन्होंने रात में पसीना आने की समस्या बताई हैं। ऐसा माना जा रहा है कि डेल्‍टा की तरह ही समय के साथ ओमिक्रोन भी अपना स्‍वरूप बदल सकता है। मगर इसका प्रभाव अभी कम देखने को मिल रहा है, प्रयार ज्‍यादा है मगर मरीजों के अस्‍पताल में भर्ती होने की नौबत कम आ रही है।

हर लहर में बदल रहे हैं कोरोना के लक्षण

कोरोना की पहली लहर में संक्रमितों को सर्दी, जुकाम, बुखार, गंध और स्वाद चले जाने जैसे लक्षण नजर आ रहे थे। संक्रमित लोगों में यही लक्षण थे। ऐसे भी कई लोग थे, जिन्हें किसी तरह के लक्षण महसूस नहीं हुए और वो संक्रमित हो गए। वहीं दूसरी लहर में संक्रमितों को सर्दी, जुकाम, गले में खराश, बुखार, गंध न आना, स्वाद चला जाना और कमजोरी जैसे लक्षण नजर आ रहे थे। कुछ लोगों को सिर दर्द और सांस लेने में तकलीफ भी हो रही थी। वहीं ऐसे कई मरीज थे जिन्हें सर्दी, जुकाम या बुखार जैसे कोई लक्षण नहीं हुए।

डेल्टाक्रोन से भी चिंतित पीजीआइ के विशेषज्ञ

देश में पहली बार आए डेल्टाक्रोन के कारण पीजीआइ के चिकित्सक चिंतित हैं। एक मरीज में डेल्टा व ओमिक्रोन दोनों वैरिएंट मिलने को डेल्टाक्रोन नाम दिया गया है। डेल्टाक्रोन दूसरी लहर से भी खतरनाक है। हालांकि अभी प्रदेश में इस प्रकार का कोई केस नहीं आया है। वहीं पीजीआइ प्रबंधन ने प्रदेश सरकार से डेल्टाक्रोन से बचाव को मोनोक्लोनल एंटीबाडी की 50 डोज मांगी हैं।

Edited By: Manoj Kumar