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नया टायर खरीदने की झंझट खत्म! पुराने ही हो जाएंगे आसानी से रीन्यू, हिसार में रिसोल प्लांट शुरू

Published: Tue, 18 Aug 2026 03:58 PM (IST)

हिसार रोडवेज डिपो का टायर रिसोल प्लांट दो महीने बाद फिर से शुरू हो गया है, जहाँ लगभग एक हजार जमा टायरों को रिसोल किया जा रहा है।

हिसार रोडवेज डिपो में दो माह बाद फिर से चला टायर रिसोल प्लांट।

हिसार रोडवेज डिपो में दो माह बाद फिर से चला टायर रिसोल प्लांट।

HighLights

  1. हिसार रोडवेज डिपो का टायर रिसोल प्लांट फिर से शुरू

  2. दो माह से बंद होने के कारण एक हजार टायर जमा

  3. टायरों को तीन बार रिसोल कर लागत बचाई जाती है

जागरण संवाददाता, हिसार। रोडवेज डिपो में करीब दो माह से बंद पड़ा टायर रिसोल प्लांट दोबारा शुरू हो गया है। प्लांट बंद होने के कारण करीब एक हजार टायर रिसोल के लिए जमा हो गए थे। अब इन टायरों को धीरे-धीरे रिसोल किया जा रहा है।

हिसार के अलावा फतेहाबाद, सिरसा, हांसी, भिवानी व डबवाली डिपो की बसों के टायर भी रिसोल के लिए हिसार प्लांट में भेजे जाते हैं। वहीं, तीन माह पहले गुरुग्राम का प्लांट बंद होने के कारण वहां से भी टायर रिसोल के लिए हिसार भेजे गए थे। इससे प्लांट में रिसोल होने वाले टायरों की संख्या बढ़ गई थी।

दो कर्मचारी कर रहे रोज 20 से 22 टायर रिसोल

प्लांट शुरू होने के बाद कर्मचारियों पर काम का अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है। प्लांट में फिलहाल दो कर्मचारी कार्यरत हैं। दोनों कर्मचारी मिलकर एक दिन में करीब 20 से 22 टायर रिसोल कर पाते हैं। इस हिसाब से महीने में करीब 400 टायरों को रिसोल किया जा रहा है। ऐसे में जमा टायरों को रिसोल करने में समय लगेगा।

तीन बार रिसोल हो सकता है बस का टायर

रोडवेज बसों के टायरों को अधिकतम तीन बार रिसोल किया जाता है। रिसोल प्रक्रिया में टायर पर रबड़ की मोटी परत चढ़ाई जाती है। जिससे उसे दोबारा इस्तेमाल करने योग्य बनाया जाता है। इससे नए टायर खरीदने पर होने वाले खर्च में बचत होती है।

पहली बार रिसोल किए गए टायर करीब 60 से 70 हजार किलोमीटर तक चल जाते हैं। दूसरी बार रिसोल के बाद करीब 50 से 60 हजार किलोमीटर और तीसरी बार रिसोल के बाद करीब 30 से 40 हजार किलोमीटर तक चलने की क्षमता रहती है।

हिसार डिपो में 270 बसें

हिसार रोडवेज डिपो में करीब 270 बसें हैं। इनमें करीब 200 बसें हिसार डिपो की हैं, जबकि बाकी बसें हांसी डिपो की हैं। इन बसों के टायरों को इसी प्लांट में रिसोल किया जाता है।

हांसी के जिला बनने के बाद वहां प्रशासन की ओर से नए बस स्टैंड के लिए जगह देखी जा रही है। वहीं, बरवाला को सब डिपो बनाने की मांग भी मंत्री रणबीर गंगवा की ओर से रखी जा चुकी है।