हिसार, [वैभव शर्मा]। पशुओं में ग्लैंडर्स का खतरा लगातार बढ़ रहा है। खास तौर से घोड़ों को होने वाली इस बीमारी का शिकार उत्तर प्रदेश के पशु अधिक हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश से यह रोग हरियाणा और अन्‍य राज्‍यों में फैलने का खतरा बढ़ गया है। अब पशुओं का यह रोग इंसानों के लिए भी संकट पैदा कर सकता है। कोरोना के  बाद ग्‍लैंडर्स के लोगों के लिए बड़ा खतरा बनने की आशंका ने विशेषज्ञों को चिंता में डाल दिया है।

देशभर से ग्लैंडर्स की जांच के लिए 34 हजार सैंपल आए, 210 मिले पॉजिटिव  

बीते वर्ष 2019 में हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र (एनआरसीई) के पास देशभर से कुल 34 हजार से अधिक जानवरों के खून के सैंपल ग्लैंडर्स बीमारी की जांच के लिए आए थे, इसमें से 210 सैंपल पॉजिटिव मिले। सबसे अधिक 135 पॉजिटिव सैंपल उत्तर प्रदेश के थे। गनीमत रही कि इन जानवरों के साथ रहने वाले 219 लोगों के भी सैंपल लिए गए जो निगेटिव आए।

 

2019 में देशभर में ग्लैंडर्स के शिकार पशु

राज्य-             ग्लैंडर्स केस-      जिला

1. उत्तर प्रदेश-       135-       आगरा, वराणसी, प्रयागराज, बरेली, लखीमपुर खीरी, मुज्जफरनगर, फिरोजाबाद, गोंडा, मिर्जापुर, हरदोई, मथुरा, गोरखपुर, बागपत, भदोही, फतेहपुर, गाजीपुर, महाराजगंज, बाराबंकी, मुरादाबाद, कासगंज, उन्नाव, गौतमबुद्ध नगर, बहराइच, कौशाम्बी, सिद्धार्थनगर, शामली, जालौन, सुल्तानपुर, हाथरस, संभल, बिजनौर, गाजियाबाद, सहारनपुर, जौनपुर, आजमगढ़, इटावा, मेरठ, बस्ती, फर्रुखाबाद।

2. हरियाणा-        पांच-               गुरुग्राम, महेंद्रगढ़, रोहतक, हिसार।

3. जम्मू कश्मीर-  पांच-                रिआसी, ऊधमपुर।

4. उत्तराखंड-      सात-                देहरादून, ऊधमङ्क्षसह नगर, चमोली, हरिद्वार।

5. दिल्ली-            नौ-                  नॉर्थ वेस्ट दिल्ली, साउथ वेस्ट दिल्ली

6. मध्य प्रदेश-      11-                 भोपाल, इंदौर, खारगोन, टीकमगढ़

7. छत्तीसगढ़-       चार-                रायपुर, राजनंद गांव।

8. महाराष्ट्र-          नौ-                  पुणे, थाणे, बुलधाना, रायगढ़।

9. राजस्थान-       आठ-               अलवर, भरतपुर।

10. गुजरात-        सात-              अहमदाबाद।

11. कर्नाटक-      चार-               मैसूर, बिदर।

12. आंध्रप्रदेश-    तीन-             विजयवाड़ा।

कुल-                 215 पॉजिटिव केस- 67 

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ग्‍लैंडर्स रोग से ग्रस्‍त घोड़े का इलाज करते डॉक्‍टर।

ग्लैंडर्स बीमारी व इंसान पर प्रभाव

ग्लैंडर्स घोड़ों की प्रजातियों में एक जानलेवा संक्रामक रोग है। इसमें घोड़े की नाक से खून बहना, सांस लेने में तकलीफ, शरीर का सूख जाना, पूरे शरीर पर फोड़े या गांठें आदि लक्षण हैं। यह बीमारी दूसरे पालतू पशु में भी पहुंच सकती है। यह बीमारी होने पर घोड़े को वैज्ञानिक तरीके से मारना ही पड़ता है। घोड़ों से मनुष्यों में यह बीमारी आसानी से पहुंच जाती है। जिससे मनुष्यों में इस बीमारी से मांस पेशियों में दर्द, छाती में दर्द, मांसपेशियों की अकड़न, सिरदर्द और नाक से पानी निकलने लगता है।

हिसार में ग्‍लैंडर्स रोेग से ग्रस्‍त घोड़ों का इलाज करने पहुंचे विशेषज्ञ।

जनवरी के 20 दिनों में सबसे अधिक उप्र और महाराष्ट्र में मिले

इस साल जनवरी में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के आठ घोड़े ग्लैंडर्स संक्रमित मिले हैं। महाराष्ट्र के हिंगुली जिले, बुलदाना जिले में पांच, हिसार में पांच घोडिय़ों में ग्लैंडर्स से संक्रमित पाए गए।

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'' हमारे पास ग्लैंडर्स की जांच के लिए देशभर से सैंपल आते हैं। इस समय सबसे अधिक उत्तर प्रदेश में यह मामले बढ़ रहे हैं।

                                          - डा. हरिशंकर सिंघा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र, हिसार।

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Posted By: Sunil Kumar Jha

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