जागरण संवाददाता, हिसार: शहर के नागरिक अस्पताल में गायनी विभाग से पिछले दो महीने में एक-एक करके तीन चिकित्सक नौकरी छोड़कर जा चुकी हैं। जिसके चलते अब नागरिक अस्पताल में एक रिटायर डाक्टर और पीएचसी से डाक्टर को बुलाकर काम चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन डेढ़ सौ के करीब गर्भवती महिलाएं चेकअप और डिलीवरी के लिए आती हैं। वहीं 10 से 15 डिलीवरी के केस रोजाना आते हैं। इनमें तीन से चार सिजेरियन डिलीवरी के केस भी प्रतिदिन आते हैं। पिछले करीब दो महीने से यहां पर नियमित चिकित्सक नहीं है। इस कारण दिसंबर की शुरुआत में यहां एक महिला चिकित्सक की आन काल ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन वह चिकित्सक भी अब छोड़ कर जा चुकी है। जिस कारण यहां पर नियमित चिकित्सक की कमी हो गई है। इस कारण यहां से प्रतिदिन गर्भवती महिलाओं के केस अग्रोहा मेडिकल में रेफर किए जा रहे हैं। नियमित चिकित्सक न होने के कारण यहां पर स्टाफ नर्सों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। क्योंकि गंभीर हालत में गर्भवती महिलाएं डिलीवरी और चेकअप के लिए आती है तो वे उनका उपचार नहीं कर पातीं। कई गंभीर मामलों में सिजेरियन डिलीवरी भी करवानी पड़ जाती है। अस्पताल में तैनात स्टाफ नर्स बिना गायनी चिकित्सक के डिलीवरी नहीं कर पाती तो उन्हें इन मामलों को मजबूरी में रेफर करना पड़ता है। साथ ही सामान्य डिलीवरी केस में भी मरीज को छुट्टी कब देनी है और कितने दिन उपचार करवाना है। इन बातों का फैसला भी गायनी चिकित्सक को लेना होता है। लेकिन चिकित्सक न होने के कारण गर्भवती महिलाओं को छुट्टी दिलवाने के लिए भी स्वजन को चक्कर काटने पड़ते हैं। इस मामले में पीएमओ डा गोविद गुप्ता का कहना है कि उन्होंने गायनी चिकित्सक के लिए उच्च अधिकारियों को डिमांड भेजी थी। विभाग ने रोहतक और पंचकूला से गायनी चिकित्सक की डेपुटेशन की थी, इन्हें दिसंबर में ही ज्वाइन करना था, लेकिन अब तक उन्होंने ज्वाइन नहीं किया है। अब एक रिटायर डाक्टर को और पीएचसी से डाक्टर को बुलाकर काम चलाया जा रहा है।

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