हिसार, जेएनएन। सावन आते ही सड़कों पर कांवडि़यों का हुजूम देखने को मिलता है। मगर कुछ जगह कांवडि़यों और मुस्लिमों के बीच सांप्रदायिकता तनाव देखने को मिलता है। हाल में ही बीजेपी नेत्री साध्‍वी प्राची द्वारा मुस्लिमों से कांवड़ नहीं खरीदने की सलाह का बयान और इंडियन मुजाहिदीन द्वारा मुस्लिम क्षेत्रों से कांवड़ यात्रा निकालने पर बरेली स्‍टेशन को उड़ाने की धमकी चर्चा में है। मगर इस सब के बीच हिंदू मुस्लिम समुदाय को लेकर वायरल हो रही तस्‍वीरें सोहार्द और सुकून का संदेश दे रही हैं।

तस्‍वीरों में मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर कैंप लगाए हुए हैं और आने जाने वाले कांवडि़यों को केले और खाने पीने का सामान बांट रहे हैं। कां‍वडि़यें भी वहां रुककर प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। मुस्लिम समाज के कई लोग नंगे पांव चलने वाले कां‍वडि़यों के जख्‍मों पर दवा भी लगा रहे हैं। इन फोटो को देख यूजर्स ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं दी हैं। फोटो खूब वायरल हो रही हैं और इन फोटो के हरियाणा के पानीपत जिले के साथ लगते यूपी के मुज्‍जफर नगर के शामली का बताया जा रहा है।

दवा के लिए सड़क पर रखी हुई है टेबल, खिला रहे केले

वायरल हो रही तस्‍वीरों में केले और दूध के साथ दवओं का प्रबंध किया गया है। इसमें एक टेबल पर कई सारी दवाएं रखी हुई है। मुस्लिम समाज के लोग महज दवा दे ही नहीं रहे, बल्कि कांवडि़यों के पांवों को जख्‍मों को खुद अपने हाथों से साफ करके दवा लगा रहे हैं। हिंदू और मुस्लिमों को देखकर ऐसा लग रहा है जैसे सांप्रदायिकता का कोई वास्‍ता ही इनके बीच न हो।

शिवरात्रि पर कांवड़ लाने की है परंपरा

बता दें कि सावन के महीने में कांवड़ लाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। कथा, कहानियों में पहला कांवडि़या होने को लेकर भी जानकारी समाहित है। हरिद्वार जाकर गंगाजल लेकर कां‍वडि़ये अपने निवास स्‍थान तक पहुंचते हैं और वहां स्‍थापित शिवलिंग को उसी गंगाजल से शिवरात्रि के दिन स्‍नान करवाते हैं। खड़ी कावड़, झूला कांवड़, डाक कांवड़ व अन्‍य तरह की कांवड़ लाने के लिए शिवभक्‍त रवाना होते हैं। ये लोग ज्‍यादातर नंगे पांव ही कांवड़ लेने जाते हैं।

यूजर्स बोले - भगवान और अल्‍लाह के एक ही होने का है संदेश

वायरल फोटो को लेकर यूजर्स ने संदेश देने वाली प्रतिक्रिया दी है। दिवाकर शर्मा ने लिखा है कि इन फोटों में हिंदू मुस्लिम के बीच प्‍यार देखकर ऐसा लग रहा है मानों हिंदू और मुस्लिम वैसे ही एक हैं जैसे भगवान और अल्‍लाह हैं। नदीम ने लिखा है कि हिंदू और मुस्लिम समुदाय के वो लोग जो नफरत फैलाते हैं वो इन तस्‍वीरों को देख लें और सीखें कि सब एक जैसे हैं। ममता साहू ने लिखा है कि नई पीढ़ी के लोगों को इन तस्‍वीरों से सीखने की जरूरत है ताकि भविष्‍य में नए भारत का निर्माण हो सके। फरीदा ने लिखा है कि सब लोग प्‍यार से रहना चाहते हैं मगर कुछ लोग यह नहीं चाहते हैं, इस तरह की लोग उन लोगों के मुहं पर तमाचा हैं।

Posted By: manoj kumar

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