जागरण संवाददाता, रोहतक। नगर निगम हाउस की बैठक एक बार फिर से कराने की कवायद शुरू हो गई है। आयुक्त डा. नरहरि बांगड़ ने बैठक की तारीख तय कर दी है। नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल ने 19 सितंबर तक हाउस की बैठक के लिए एजेंडे तय करने के लिए कहा है। वहीं, पार्षदों ने कहा है कि पीछे दौड़-आगे दौड़ वाला सिस्टम नगर निगम में है। पिछले एजेंडों पर कुछ काम नहीं हुआ, जबकि फिर से एजेंडे मांगे जा रहे हैं।

पार्षदों की मांग पर नगर निगम हाउस की बैठक 29 सितंबर को होगी।

पार्षदों का गुस्सा शांत नहीं 

नगर निगम के आयुक्त ने बैठक की तारीख तो तय कर दी, लेकिन पार्षदों का गुस्सा शांत नहीं। पार्षद कदम ने सवाल किए हैं कि शहर की जनता को बड़े विकास की उम्मीद तो टूट ही गई है। टूटी सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं। हादसों को लेकर कोई संज्ञान नहीं। पार्षद मंजू हुड्डा, कंचन खुराना का कहना है कि कोई बताने वाला नहीं कि बंद पड़े काम कब से शुरू होंगे। गड्ढों के बीच से गुजरना किसी खतरे से कम नहीं। यह भी कहा कि नगर निगम हाउस की बैठक इसी शर्त पर होनी चाहिए कि सभी काम तत्काल होंगे। नहीं तो बैठक-बैठक का खेल कब तक होता रहेगा। 

पार्षदों की चुटकी, कहा बरात भी जलजमाव के बीच से निकालनी पड़ेगी

अब पार्षदों ने चुटकी ली है कि जनस्वास्थ्य विभाग, नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। व्यापारी नेता एवं रोहतक ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान हेमंत बख्शी ने कहा कि जनता को बरात भी जल जमाव के बीच से निकालनी पड़ेगी। यह भी कहा कि हमारे लिए यह शर्म की बात है। वहीं, पार्षद गुलशन ईशपुनियानी ने कहा कि यह तो हमारे लिए शर्म से डूब मरने जैसे हालात हैं। हमारे शहर में दूसरे कस्बे से बरात आई और जल जमाव के बीच से घुड़चढ़ी हुई।

पार्षदों की मांग पर करवाई जा रही है बैठक

नगर निगम के मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि हमने 19 सितंबर तक पार्षदों से एजेंडे लगाने के लिए कहा है। हाउस की बैठक हमने पार्षदों की मांग पर ही आयोजित कराने के लिए कहा है। इसके अलावा नगर निगम आयुक्त डा. नरहरि बांगड़ ने कहा कि हाउस की बैठक 28 सितंबर को होगी, हमने तारीख तय कर दी है।

पुराने एजेंडों पर क्या काम किया कोई बताएगा नहीं

वार्ड 11 के पार्षद कदम सिंह अहलावत ने कहा कि नगर निगम ने पुराने एजेंडों पर क्या काम किया यह कोई नहीं बताएगा। सभी सेक्टर बरसात में पानी में डूबे रहे। दूषित पानी की आपूर्ति पूरे शहर में है। कुत्ते, बंदर और बेसहारा पशुओं का सेक्टरों में आतंक है। सड़कें टूटी पड़ी हैं, यदि यही काम अधिकारी करा दें तो हमें बैठक की जरूरत ही नहीं। अधिकारियों का सबसे खराब रवैया है।

जलघर की मरम्मत होनी थी

वार्ड-1 के पार्षद कृष्ण सेहरावत ने बताया कि हिसार रोड की 40 हजार की आबादी तक शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए हिसार रोड औद्योगिक क्षेत्र के जलघर की मरम्मत होनी थी। यहां काम कराने के बजाय आज तक कोई पूछने नहीं आया। जनता इस सीजन में भी तंग रही। कोई सुनने वाला नहीं। कई बार तो लगता है कि यहां नगर निगम है कि नहीं।

जल जमाव वाले क्षेत्रों में अधिकारी गए ही नहीं

वहीं वार्ड-8 के पार्षद सोनू ने कहा कि जल जमाव वाले क्षेत्रों में अधिकारी गए ही नहीं। यदि जाते तो उन्हें कबीर कालोनी की भी समस्या पता चलती। पार्षदों को अधिकारी तवज्जो नहीं देते। सब कमेटी की बैठक में हुए फैसले लागू नहीं हुए। 

Edited By: Rajesh Kumar