बहादुरगढ़, जागरण संवाददाता। बहादुरगढ़ से दिल्ली जाते हुए इंद्रलोक वाली ट्रेन के महिला डिब्बे में कुछ युवक घुस गए थे। सुबह करीब 11 बजे की घटना है। एक लड़की ने इसका वीडियो बनाकर दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन (डीएमआरसी) को ट्वीट कर दिया। डीएमआरसी ने तुरंत लड़की के ट्वीट पर कार्रवाई की लेकिन इससे पहले ही वे लड़के ट्रेन से उतरकर फरार हो गए। लड़की के ट्वीट पर 31 लोगों ने रीट्वीट किया। किसी ने लड़की को कहा कि उन लड़कों को चूड़ियां दे देतीं तो किसी ने कहा उन्हें लिपिस्टिक लगा देती। किसी ने बहादुरी से मुकाबला करने पर लड़की को प्रोत्साहित किया तो किसी ने उन्हें मारने की बात कही। 

लोगों ने की महिला डिब्बे में यात्रा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

सुबह 10 बजकर 58 मिनट पर डीएमआरसी को अनामिका नाम के ट्वीटर हेंडल से वीडियो ट्वीट किया गया कि जिसमें लिखा कि बहादुरगढ़ से दिल्ली जाते हुए इंद्रलोक वाली ट्रेन के महिला डिब्बे में लड़के हैं। कहने के बाद भी वे डिब्बे से नहीं गए। वीडियो में न तो लड़के दिख रहे हैं और न ही लड़की लेकिन लड़की उन लड़कों से यह कह रही है कि आप डिब्बे से चले जाए। जब वे लड़के डिब्बे से नहीं गए तो उस लड़की ने डीएमआरसी को ट्वीट कर दिया। डीएमआरसी ने तुरंत रीट्वीट करके ट्रेन के डिब्बे का नंबर पूछा तो उसने D-5 बताया। मगर डीएमआरसी कुछ कार्रवाई करते उससे पहले ही लड़के अगले स्टेशन पर उतरकर भाग निकले। 

इस तरह करें शिकायत, डिब्बे का नंबर जरूर दें

डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि अगर मेट्रो ट्रेन में किसी को कोई शिकायत है तो वे डीएमआरसी को शिकायत देते हुए ट्रेन के डिब्बे का नंबर जरूर दें। हर डिब्बे की शुरुआत और अंत में कोच नंबर होता है। इसमें उदाहरण के तौर पर बहादुरगढ़ से इंद्रलोक जाने वाली इस ट्रेन के कोच का नंबर डी2ए19 था। ऐसे ही नंबर के साथ शिकायत करने पर डीएमआरसी की ओर से तुरंत कार्रवाई की जा सकती है। 

महिला डिब्बे में पकड़े जाने पर लगता है 250 रुपये जुर्माना

दिल्ली मेट्रो रेलवे (परिचालन और अनुरक्षण) अधिनियम 2002 की धरा 61(1) के तहत महिला डिब्बे में अगर कोई पुरुष अवैध रूप से यात्रा करता है तो उस पर 250 रुपये का जुर्माना किया जाता है। स्टेशन प्रबंधक या स्टेशन नियंत्रक उल्लंघनकर्ता से जुर्माना वसूलने व लगाने के लिए अधिकृत है। अगर उल्लंघनकर्ता जुर्माने की इस राशि का भुगतान नहीं करता है तो संबंधित क्षेत्र के न्यायिक दंडाधिकारी के सामने पेश करने के लिए पुलिस के हवाले कर दिया जाता है। 

Edited By: Naveen Dalal