जागरण संवाददाता, हिसार: नाबालिग लड़की से दुष्‍कर्म करने का मामला हो, या किसी अन्‍य तरह का अपराध हो। कोर्ट इस तरह के मामलों में सख्‍ती से पेश आता है। ऐसा ही एक और मामला था, जिसमें कोर्ट ने सख्‍त फैसला सुनाया है। अग्रोहा थाना क्षेत्र से वर्ष 2019 में एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर मुंबई भगा ले जाने और वहां उसकी जन्मतिथि के रिकार्ड में फेरबदल कर शादी करने के मामले में दोषी अमीर को एडीजे अमित सहरावत की अदालत ने 10 साल की सजा सुनाई है। इस मामले में 19 सितंबर को एडीजे अमित सहरावत की अदालत दोषी करार दिया था। वीरवार को सजा सुनाई है। इस मामले में अग्रोहा थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अग्रोहा थाना पुलिस को शिकायत दी थी।

पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि उसकी 17 वर्षीय छह महीने की एक बेटी है। 27 जून 2019 की सुबह वह और उसकी पत्नी अपनी-अपनी ड्यूटी पर चले गए थे। उस दिन बेटी को घर पर छोड़कर गए थे। दोपहर 2.30 बजे के करीब ड्यूटी से वापस आए तो बेटी घर पर नहीं थी। बेटी का आसपड़ोस और रिश्तदारियों में पता किया, लेकिन बेटी का पता नहीं लगा।

नाबालिग के पिता ने शक जताया था कि उसकी बेटी को गांव खरड़ का अमीर बहला-फुसलाकर कहीं ले गया है। पुलिस ने मामले में जांच की तो नाबालिग लड़की और युवक मुंबई में मिले। वहां से पुलिस इन्हें हिसार लेकर आई। नाबालिग लड़की ने अमीर के साथ शादी के दस्तावेज पुलिस को दिए।

पुलिस ने दस्तावेज चेक किए तो नाबालिग लड़की की जन्मतिथि बदलकर उसे बालिग दिखाया गया था। पुलिस ने आरोपित पर नाबालिग लड़की को ले जाने, फर्जी दस्तावेजों पर शादी करने और यौन शोषण के आरोपों पर केस दर्ज किया गया था।

Edited By: Manoj Kumar