जागरण संवाददाता, हिसार : एटीएम को बदलकर फ्रॉड करने के मामले में पकड़े गए मामा-भानजे ने राजस्थान में की गईं चार और वारदातें कबूल की हैं। उनके निशाने पर फौजियों के परिवारो के अलावा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे रहते थे। वह ऐसा शिकार देखते थे जिनको एटीएम का प्रयोग करना नहीं आता या फिर उनसे थोड़ी सी गलती हो रही है। ठग उसी बात का फायदा उठाकर उपभोक्ता के कार्ड का पिन देखते और तुरंत कार्ड बदल देते थे। मामा जॉनी और उसके भानजे बेअंत के पकड़ने जाने के बाद बुधवार को राजस्थान पुलिस ने हिसार पहुंच कर आरोपितों से पूछताछ की है। पूछताछ में आरोपितों ने राजस्थान में हुई चार वारदातों को भी कबूल किया है।

पुलिस ने मंगलवार को फर्जी प्लेट लगी गाड़ी को रुकवा कर पलवल के घागोट निवासी जॉनी और पंजाब के मानसा निवासी बेअंत को गिरफ्तार किया था। उनके पास से पुलिस ने विभिन्न बैंक के 42 एटीएम कार्ड बरामद किए थे। वह उस समय राजस्थान के सीकर से 60 हजार रुपये की धोखाधड़ी कर भागे थे, जिसमें पुलिस ने उनसे 20 हजार रुपये बरामद किए थे।

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दो सीकर, एक सालासर और एक बीकानेर में की वारदात

राजस्थान पुलिस ने हिसार पहुंच कर आरोपित मामा-भानजे से पूछताछ की। आरोपितों ने सीकर में ही एक बुजुर्ग से ठगी कर 80 हजार रुपये निकालने और एक युवक से 10 हजार रुपये ठगने की वारदात को कबूला है। आरोपितों ने पुलिस को बताया कि उनकी तरफ से बीकानेर और सालासर में भी एक-एक वारदात को अंजाम दिया गया है।

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ऐसे करते थे फ्रॉड

मामा जॉनी और भानजे बेअंत अपने दो साथियों के साथ एटीएम के पास मौजूद रहते थे। जैसे ही कोई ऐसा उपभोक्ता उनको मिलता जिसको एटीएम से पैसे निकालने के बारे में ज्यादा नहीं पता, वह उसके पास खड़े हो जाते थे। वह उसकी मदद के बहाने उसका पिन देखते और उसका कार्ड बदल लेते थे। वह उनका कार्ड बदल कर दूसरा नकली कार्ड थमा देते थे और उसके जाते ही पैसा निकाल लेते थे।

Posted By: Jagran

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