संवाद सहयोगी, हिसार : श्री बद्री केदार रामलीला विद्युत नगर में शनिवार को भगवान रामचंद्र की बरात की झांकियां निकाली गई जिसमें सभी देवी-देवताओं के श्रद्धालुओं ने दर्शन कर माथा टेका। वहीं शिव-पार्वती का नृत्य दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना। वहीं झांकियां देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी पड़ी। श्रद्धालुओं ने भी भगवान रामचंद्र की बरात में खूब नृत्य किया। बरात विद्युत नगर प्रांगण से होते हुए ¨जदल चौक, अर्बन एस्टेट-2 में संजीव गुप्ता के निवास स्थान पर गईं। जहां बरात का स्वागत किया गया। उसके बाद अर्बन एस्टेट-2 कॉम्प्लेक्स में श्री गणपति मिष्ठान भंडार से होते हुए डीसी कालोनी में श्री देवता मिष्ठान भंडार से होते हुए वापस श्री बद्री केदार रामलीला प्रांगण में आई। वहीं रात को ग्राउंड में रामलीला का मंचन किया गया। रामलीला देखने के लिए आसपास ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से दर्शक पहुंचे। मुख्य अतिथि के तौर पर अमरजीत ¨सह एचसीएस सीएम के ओएसडी और अध्यक्ष अशोक श्योराण कस्टम अधिकारी, इंदिरा गांधी एयरपोर्ट नई दिल्ली पहुंचे। वहीं विशिष्ट अतिथि एडवोकेट मायाराम देवली प्रांतीय महासचिव, उत्तराखंड समाज प्रतिनिधि सभा के कर कमलों द्वारा उद्घाटन किया गया। वहीं रामलीला में कैकेयी की लीला का मंचन किया गया। जिसमें राम को राजा बनाने के प्रश्न पर राजा दशरथ को रानी कैकेयी के पूर्व में दिए गए तो वचनों के मध्य तीखे एवं मार्मिक संवाद हुए। जिसमें कैकेयी अपने पुत्र भरत को अयोध्या का राजा बनाना चाहती हैं। इस बीच राजा दशरथ अपने पुत्र प्रेम और वचन निर्वाह के मध्य फस जाते हैं। बाद में राजा दशरथ अपने वचनों को निभाने के लिए मान जाते हैं। वह राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को अयोध्या का राजा बनाने के लिए तैयार हो जाते हैं। इस दौरान राम को वन जाने की बात सुनकर वह देखकर दर्शकों की आंखें नम हो जाती है। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण अयोध्या छोड़ वन में जाते हैं तब इसी बीच राजा दशरथ अपने प्राणों को त्याग देते हैं जब इस बात का पता भरत को चलता है तब वह अपने ननिहाल छोड़ अयोध्या आते हैं और यह निश्चय करते हैं कि उनकी चरण पादुका ¨सहासन पर रख उनके पास मिलने के लिए वन में जाने के लिए कहते हैं। इस अवसर पर चेयरमैन ज्ञान ¨सह रावत, प्रधान मोहन ¨सह तड़ियाल, उपप्रधान पीताम्बर दत्त पांडे, महासचिव अनिल भट्ट, अनुसूया प्रसाद, हीरो ¨सह रावत, मुकेश रावत, ओमकार पटवाल, गजेंद्र गुसाईं एवम कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे।

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