जागरण संवाददाता, हिसार: वर्ष 2019 में आजाद नगर थाना में दर्ज हत्या के एक मामले में एडीजे अमित सहरावत की अदालत ने दोषी करार सौरभ, इंद्र उर्फ दाउद और मनवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही अलग-अलग धाराओं के तहत प्रत्येक पर 27-27 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने इन्हें 22 नवंबर को दोषी करार दिया था। वहीं इस मामले में दो आरोपितों सुरजीत और सोमबीर को बरी कर दिया गया था। मामले में गांव मंगाली सुरतिया की रहने वाली कमलेश ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया था कि चार अगस्त 2019 की रात को वह उसकी बड़ी बहन रीतू, उसकी मां कृष्णा व उसके पिता रिटायर्ड एएसआई रामधारी अपने घर पर सोने की तैयारी में थे। उसके पिता घर के बरामदे में चारपाई पर लेटे हुए थे। वे अंदर लोबी में थे। करीब 10 बजे उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। उसने उठ कर देखा तो उसके पिता के पास तीन व्यक्ति खड़े थे, जब उसने शोर मचाया तो वे तीनों वहां से फरार हो गए और उसके पिता खून से लथपथ अवस्था में पड़े थे। शोर सुनकर उसके चाचा यादराम व रामेश्वर आए और उसके पिता को गाड़ी में बैठाकर सरकारी अस्पताल में ले गए। जहां पर उसके पिता की मौत हो गई। उसे शक है की उसके पिता की हत्या गांव सिंघरान के होशियार और बलवंत ने की थी। इनके साथ उनका जमीनी विवाद है। चौधरीवास के रहने वाले रामधारी के दामाद आत्माराम ने बताया कि उसके ससुर को आरोपितों ने पहले भी गंभीर चोटें मारी थी। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज किया था।

Edited By: Manoj Kumar

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