जेएनएन, हिसार। गुरुग्राम में एडीजे हिसार निवासी कृष्ण कांत की पत्नी रेणु के बाद अब घायल बेटे की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। मां और बेटे की महज दस दिन के अंतराल में मौत होने से घर में मातम पसर गया है। इतना ही हर सुनने वाले की आंख नम हो जाती है। बेट ध्रुव का अंतिम संस्‍कार भी ऋषि नगर के श्‍मशान में 24 अक्‍टूबर को को किया जाएगा। इससे पहले उनकी माता का अंतिम संस्‍कार भी यहीं किया गया था। बेटे ध्रुव की मौत होने पर हिसार में बार एसोसिएशन ने एक बार फिर वर्क सस्‍पेंड रखा। इससे पहले एडीजे की पत्‍नी की मौत होने पर भी वकीलों ने वर्क सस्‍पेंड रखा था।

इससे पहले बीते साेमवार को ही मृतका रेणु का अंतिम संस्कार किया गया था। उनकी अंतिम विदाई के वक्‍त परिजन बिल्‍ाख पड़े तो इस मंजर को देख हर आंख नम हो गई थी। शाम होते ही एडीजे के घर पर शहर के लोगों का तांता लग गया था और हर कोई इस गोलीकांड की बात को लेकर बेहद उदास नजर आया। अब बेटे की भी मौत होने से एक बार फिर वहीं मंजर आंखों के सामने आने वाला है।

ऐसे हुई थी घटना

बता दें कि प्रीति नगर में एडीजे पिछले काफी सालों से रहते हैं। उनके पिता देवराज भगत पुराने अधिवक्ता रहे। एडीजे कृष्ण कांत ने भी वकालत कर प्रेक्टिस की। प्रेक्टिस के बाद वह करीब साढ़े पांच साल पहले एडीजे बने। पिछले करीब डेढ़ साल से वह गुरुग्राम में परिवार के साथ रह रहे थे। 13 अक्‍टूबर को उनके सुरक्षा कर्मचारी महिपाल ने ही उनकी पत्नी रेणु और बेटे ध्रुव को गोली मार दी थी। रविवार सुबह रेणु की मौत हो गई। एडीजे की पत्नी की मौत से परिवार सहित शहर के लोग काफी दुखी रहे।

बार एसोसिएशन ने रखा वर्क सस्पेंड
इस वारदात के विरोध और शौक स्‍वरूप हिसार बार एसोसिएशन ने मंगलवार को भी वर्क सस्पेंड रखा। उनकी तरफ से पूरा दिन का वर्क सस्पेंड रखा जाएगा। एसोसिएशन के प्रधान प्रदीप सिंह बाजिया ने बताया कि सुरक्षा कर्मचारी द्वारा ही ऐसी हरकत करना बहुत गलत है। सरकार को चाहिए कि ऐसे में ज्यूडिशियल में मौजूद जज के लिए अलग से कर्मचारियों की नियुक्ति हो, ताकि ऐसी घटना न हो। सभी गनमैन की कांउसिलिंग हो। वहीं अब एडीजे के बेटे ध्रुव की मौत होने से वकीलों में बेहद शोकाकुल माहौल नजर आया।

एडीजे के पिता को घुमाने ले जाता था आरोपित महिपाल

एडीजे के दोस्तों ने बताया कि आरोपित महिपाल बार-बार गलत व्यवहार के आरोप लगाता रहा, जबकि ऐसा नहीं है। एडीजे, उनकी पत्नी व परिवार कभी ऐसा नहीं कर सकते। वह काफी मधुर स्वभाव के रहे हैं। कभी उनकी तरफ से किसी को तेज आवाज से डांटा भी नहीं गया। दोस्तों ने बताया कि वह हर माह यहां आते थे। गुरुग्राम जाने के बाद गनमैन महिपाल साथ आता था। वह यहां आने के बाद एडीजे के पिता देवराज को घुमाता भी था। उसका परिवार के साथ भी लगाव हो गया था, लेकिन ऐसी हरकत उसने क्यों की यह उनको भी नहीं पता। उन्होंने बताया कि करीब 20 साल पहले शादी के बाद कभी उनकी पत्नी ने भी किसी से गलत व्यवहार नहीं किया था। पता नहीं था कि जो जान की सुरक्षा के लिए है वही पत्‍नी और बेटे की जान ग्रस लेगा।

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Posted By: manoj kumar

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