जागरण संवाददाता, बहादुरगढ़: शहर के लाइनपार क्षेत्र के विकास नगर में रहने वाली क्रिकेटर कोमल कांत का चयन हरियाणा की महिला रणजी टीम में हुआ है। बाएं हाथ की आफ स्पिन गेंदबाज के तौर पर उनका चयन हुआ है। कोमल की अच्छी लाइन लेंथ, गुड लेंथ पर बाल डालना और उसका बालिंग एक्शन चयनकर्ताओं को खुश कर गया। दूसरा गुरुग्राम के सुल्तानपुर में हुए कैंप में कोमल कांत ने किफायती गेंदबाजी करके आठ मैचों में 12 विकेट भी लिए। कोमल का यहीं प्रदर्शन टीम में चयन का आधार बना। उसके चयन से परिवार के लोगों के अलावा कोच, खेल प्रशंसक व जिला क्रिकेट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने खुशी जताई है और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कोमल कांत अपने शानदार प्रदर्शन के बूते ही हरियाणा की महिला रणजी टीम का हिस्सा बनी हैं।

वह अब विशाखापट्टनम में हो रही रणजी मैच खेलने के लिए रवाना हुई है। 12वीं कक्षा तक पढ़ी कोमल कांत का क्रिकेट के प्रति काफी क्रेज है। उसके माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों ने परिवार की आर्थिक स्थिति की परवाह न करते हुए भी विपरीत परिस्थितियों में बेटी को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उनके इस अथक सहयोग के बदौलत ही वह खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए आगे बढ़ती रही। अब उनका चयन हरियाणा की महिला रणजी टीम में हुआ है। ओमेक्स परिसर स्थित श्रीभगवान क्रिकेट अकादमी बहादुरगढ़ की खिलाड़ी कोमल कांत के कोच सोनू कादियान ने बताया कि कोमल कांत एक माह से गुरुग्राम के सुल्तानपुर में लगे कैंप का हिस्सा भी रही और अपने शानदार प्रदर्शन के बूते ही उन्होंने 22 अक्टूबर को घोषित हुई हरियाणा की महिला रणजी की मुख्य टीम में जगह बनाई है।

कोच ने उसकी इस उपलब्धि पर उसका सारा श्रेय क्रिकेटर कोमल कांत की बड़ी मेहनत व लग्न को दिया है। झज्जर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव देवेन राठी के अलावा गुलशन शर्मा ने भी चयनित खिलाड़ी कोमल कांत के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। अपने दमदार प्रदर्शन के बूते ही कोमल कांत ने हरियाणा की महिला रणजी टीम में जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि कि वह एक दिन भारतीय महिला टीम का हिस्सा बनकर प्रदेश व जिले का नाम भी रोशन करेगी।

क्रिकेट खेल प्रशंसक रामकंवार दहिया का कहना है कोमल कांत में खेल के प्रति काफी जुनून है और वह अपनी काबिलियत के बल पर एक दिन भारतीय महिला टीम का हिस्सा जरूर बनेगी। कोमल ने बताया कि उसने 15 साल की उम्र में 2014 में खेलना शुरू किया था। बीच में तीन साल खेल छोड़ना भी पड़ा। फिर से खेलना शुरू किया और मेनहत के दम पर अब उसका रणजी टीम में चयन हो गया।

परिवार ने बेटी के हौसलों को दी उड़ान:

हरियाणा की महिला रणजी टीम में चयनित हुई विकास नगर निवासी कोमलकांत के पिता रमेश कांत प्राइवेट जाब करते हैं तो व माता सुदेश गृहिणी हैं। उन्होंने क्रिकेट खेलने के प्रति खूब प्रोत्साहित किया। छह बहन भाइयों में चौथे नंबर की कोमलकांत के इरादों को भांपते हुए उनके माता-पिता ने उसे किसी भी तरह से कमी नहीं खलने दी। चाहे उनके समक्ष किसी तरह की परेशानी क्यों न आन खड़ी हुई हो। फैमिली की तरफ से पूरी सपोट रही। शुरुआती तौर में पिता ने आर्थिक दिक्कतों को नजर अंदाज करते हुए अपनी बेटी को खेल के प्रति आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और उसकी हर संभव मदद की। जिसका परिणाम यह रहा कि अब उनकी बेटी कोमल कांत ने अपने दमदार प्रदर्शन के बलबूते बहादुरगढ़ क्षेत्र से हरियाणा की महिला रणजी टीम में चयनति होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।

कभी पैदल तो कभी साइकिल से जाती थी प्रैक्टिस करने:

कोमल कांत करीब दो सालों से ओमेक्स स्थित श्रीभगवान क्रिकेट अकादमी में प्रेक्टिस कर रही हैं। उसके कोच सोनू कादियान ने बताया कि उन्होंने उनसे कोई भी शुल्क नहीं लिया बल्कि निश्शुल्क कोचिंग तो दी ही, साथ में क्रिकेट सामान भी समय-समय पर जरूरत अनुसार उपलब्ध कराते रहे। वह लेफ्ट आर्म स्पिनर हैं और शानदार गेंदबाजी करते हुए विकेट भी झटकती हैं। उन्होंने बताया कि कोमल कांत अकादमी तक कभी पैदल तो कभी साइकिल और कभी आटो में सवार होकर आती रही। वह अब विशाखापट्टनम में हो रही रणजी मैचों में खेलने के लिए रवाना हुई हैं।

Edited By: Manoj Kumar