हिसार, जागरण संवाददाता। छात्र आनलाइन परीक्षा में नकल करने का हर मौका तलाशते है और किसी न किसी तरह बहाना बनाकर नकल करते भी है। इस पर कमेटी को कड़ी निगरानी रखनी होगी। मगर आफलाइन में परीक्ष देते समय छात्रों को खुद की काबिलयत साबित करनी पड़ती है और अपनी तैयारी के दम पर ही परीक्षा देता है। उस समय उसकी हर एक्टिविटी पर नजर रहती है और नकल कर पाना मुश्किल होता है। छात्रों का यह भी मानना है कि छात्रों के आनलाइन पढ़ाई से नंबर जरूर बढ़ते है, पर उनका ज्ञान नहीं बढ़ता। यह आनलाइन के ही परिणाम है। इसलिए छात्र आफलाइन पढ़ाई की मांग करते है।

आनलाइन में छात्र नकल करने का हर मौका तलाशते है

इनसो छात्र संगठन से जिलाअध्यक्ष हरेंद्र बैनिवाल का कहना है कि आनलाइन पढ़ाई व परीक्षा से छात्रों को ट्रेवल व संक्रमण का खतरा नहीं रहता है और दूरदराज क्षेत्र से आने वाले छात्रों के लिए फायदेमंद है। इस समय संक्रमण फैल चुका है। इसमें न तो पड़ोसी का संक्रमित होने का पता चलता है और न ही खुद का। अबकी बार मरीजों में हल्के लक्षण है, जिससे हर किसी संक्रमित की पहचान कर पाना मुश्किल होगा। खुद का टेस्ट करवाने पर ही पता चलता है।

पहले से कर लेते है प्रश्न तैयार

कई छात्र पहले से ही महत्वपूर्ण प्रश्न लिखकर तैयार कर लेते है और परीक्षा शुरू होने के बाद उसमें लगा देते है। विश्वविद्यालय की ओर से सेलेब्स संबंधित प्रश्न पहले ही बता दिए जाते है। छात्र महत्वपूर्ण प्रश्नों की छंटनी कर तैयार कर लेते है।

शुरू में आएंगे परिणाम अच्छे

जिस तरह समेस्टर सिस्टम लागू हुआ था तो शुरू में छात्रों की मैरिट बढ़ गई थी। अब आनलाइन सिस्टम शुरू हुआ है तो शुरू में इसके अच्छे परिणाम आए है। अधिकतर छात्रों के परीक्षा में 65 फीसद से ज्यादा अंक आए है और आफलाइन परीक्षा देने वाले छात्रों को वहीं अंक मिले है।

विकल्प चुनने का अंतिम मौका

जीजेयू के अंर्तगत आने वाले कालेजों के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए विकल्प चुनने का शनिवार को अंतिम दिन है कि वह आफलाइन परीक्षा देना चाहते है या आनलाइन। शुक्रवार को अधिकतर छात्रों के आवेदन नहीं भरे जा सके, क्योंकि साइट से ओटीपी ही नहीं आ रहे थे।

Edited By: Naveen Dalal