बहादुरगढ़, जेएनएन। संयुक्त मोर्चा की बैठक में अगली रणनीति तय होने के बाद टीकरी बॉर्डर पर 8 मार्च को यहां पर अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हटकर मनाने की तैयारी है। वैसे तो इस दिन मंच पूरी तरह महिलाओं को समर्पित होगा। मगर इससे अलग यहां पर 111 महिलाओं को सम्मानित करने की तैयारी है। जनवरी में आंदोलन स्थल पर महिला किसान दिवस भी मनाया गया था। अब इस आयोजन के जरिये आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की कोशिश होगी।

किसान नेता मान रहे हैं कि महिलाओं ने इस आंदोलन में सहयोग देकर मजबूती प्रदान की है। इसलिए 8 मार्च को आंदोलन की अगुवा महिलाओं को सम्मान भी प्रदान किया जाएगा। दरअसल, 26 जनवरी को दिल्ली में हुई हिंसा के बाद आंदोलन को फिर से खड़ा करने की जद्दोजहद के बीच ट्रैक्टर-ट्रालियों में सवार होकर गांवों से महिलाओं के पहुंचने का दौर हर दिन चल रहा। महिलाओं की संख्या बढ़ने का ही असर है कि अब रोजाना यहां मंच पर तीसरे वक्ता के बाद महिलाओं द्वारा लोकगीत प्रस्तुत किए जाते हैं।

इन गीतों के जरिये ये महिलाएं सरकार पर निशाना साधती हैं और आंदोलन का गुणगान करती हैं। जबकि 26 जनवरी से पहले ऐसा कुछ देखने को नहीं मिलता था। बाद में जब हरियाणा की सक्रियता बढ़ी, तब महिलाएं भी आगे आई। फिलहाल संयुक्त मोर्चा ने 16 मार्च तक की गतिविधियां तय की हैं। 9 मार्च को मोर्चा की दाेबारा से बैठक होनी है। उसमें कुछ और ऐलान होने की संभावना है। अब किसान नेताओं द्वारा चुनावी राज्यों में पहुंचने और भाजपा के खिलाफ प्रचार करने का भी मन बनाया हुआ है।

 

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