हिसार में जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार, 12 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि; शव देखते ही बेहोश हो गई पत्नी
हिसार के किनाला गांव में 15 दिन बाद जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें ग्रामीण, राजनेता और किसान ...और पढ़ें
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किनाला में 15 दिन के बाद जीवन कुंडू का हुआ अंतिम संस्कार।
HighLights
जीवन कुंडू का अंतिम संस्कार 15 दिन बाद किनाला में
12 वर्षीय बेटे रिशू ने नम आँखों से मुखाग्नि दी
राजनेता, किसान नेता और ग्रामीण अंतिम संस्कार में शामिल हुए
जागरण संवाददाता, हिसार। सूर्य नगर निवासी और डेयरी संचालक मृतक जीवन कुंडू का 15 दिन के बाद उनके पैतृक गांव किनाला में मंगलवार दोपहर 12.30 बजे श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। उनके 12 साल के बेटे रिशू ने शव को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीण, राजनेता, किसान-मजदूर और जन संगठनों ने भाग लिया।
अंतिम संस्कार के दौरान हर किसी की आंखें नम थी। अंतिम दर्शन के दौरान उनकी पत्नी रमन बेहोश हो गई। उनकी बहन और स्वजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गिरफ्तार किए गए 10 किसान नेता भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। किसान नेता शमशेर पूनिया ने कहा कि हांसी में पुलिस ने मृतक के पिता पर भी लाठियां बरसाई और उनके गिरफ्तार कर लिया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री प्रो. छतरपाल सिंह, भाजपा नेता अनूप धानक, सतेंद्र पूनियां, कांग्रेस विधायक नरेश सेलवाल, इनेलो नेता गौरव संपत, उमेद लोहान, पूर्व विधायक बलराज कुंडू , जजपा के अनिल बालकिया, किसान नेता सुरेश कौथ, शमशेर नंबरदार, सदानंद राजली, सुरेंद्र मान आदि मौजूद थे।
दोपहर 11 बजे गांव पहुंचा शव
मंगलवार सुबह मृतक के स्वजन मेडिकल कालेज अग्रोहा पहुंचे। वहां से एबुलेंस में शव को लेकर करीब 11 बजे गांव पहुंचे। वहां पर कुछ समय के लिए शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इस दौरान अंतिम दर्शन करने के लिए आई उनकी पत्नी रमन शव को देखकर बेहोश हो गई।
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महिलाएं उसके उठा कर घर के अंदर ले गई। मृतक की बहन और स्वजनों को बुरा हाल था। उसके बाद शव को गांव के श्मशान घाट ले जाया गया। वहां पर मृतक जीवन के 12 वर्षीय बेटे रिशू ने मुखाग्नि दी।
इस दौरान वहां पर मौजूद हर शख्स की आंखों में आंसू थे। बता दें कि सुबह से ही ग्रामीण किनाला गांव में एकत्रित होना शुरू हो गए थे। दोपहर तक ग्रामीणों की संख्या हजारों तक पहुंच गई थी।
मृतक के पिता पर बरसाई लाठियां
भौंडसी जेल से रिहा होकर आए किसान नेता शमशेर पूनिया ने कहा कि सभी प्रदर्शनकारी हांसी में सीएम नायक सिंह सैनी के पास अपनी मांग रखने के लिए जा रहे थे। रास्ते में पुलिस ने रोक लिया और हांसी पुलिस अधीक्षक का रवैया ठीक नहीं था।
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उन्होंने माहौल को बिगाड़ दिया। फिर पुलिस ने महिलाओं और बुजुर्गों पर लाठीचार्ज किया कर दिया था। बेटे के न्याय मांगने जा रहे पिता पर भी पुलिस ने लाठियां बरसाई। उनको भी गिरफ्तार कर लिया गया।
उन्होंने कहा कि कमेटी और सरकार के बीच जो वार्ता हुई है उस पर सहमत है। ये भी कहा कि हांसी में बुजुर्गों पर लाठीचार्ज करने के मामले को लेकर खापों और किसान संगठनों के साथ बैठक कर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे थे
किसान नेता सुरेश कौथ ने कहा कि जीवन कुंडू को न्याय दिलवाने के लिए पूरा समाज संघर्ष कर रहा था। 15 दिन के बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया है। पूरे समाज की तरफ से संवेदना व्यक्त करते है। सरकार और कमेटी के बीच जो वार्ता हुई है। जिन मांगों पर सहमति बनी थी वह जल्द धरातल पर आ जाएगी।
उन्होंने कहा कि संघर्ष करेंगे तो केस भी दर्ज होंगे लाठियां भी खानी पड़ेंगी। हम प्रदेश के जिम्मेदार नागरिक है देश का सम्मान करे है और तिरंगे का भी सम्मान करते है। हम तो प्रदेश के मुख्यमंत्री को उनका फर्ज याद दिलवाने के लिए जा रहे थे। रास्ते में हांसी पुलिस अधीक्षक का रवैया था वे बात को बिगाड़ने वाला था।
पूर्व मंत्री प्रो. छतरपाल ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सभी परिवार के साथ है। 15 दिन के बाद गांव में जीवन कुंडू के शव का अंतिम संस्कार किया गया। उन्होंने कहा कि सोमवार को भौंडसी जेल से सभी किसान नेताओं को रिहा कर दिया जो अंतिम संस्कार में शामिल होने आए। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और उनका हौसला बढ़ाया।
