रोहतक, जेएनएन। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से जसिया में छोटूराम धाम के पहले स्थापना दिवस पर आयोजित जाट महासम्मेलन के लिए जाट नेता जुटे। कार्यक्रम स्थल पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह व नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला भी पहुंचे। मंच पर दोनों नेता अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक से गुफ्तुगू करते नजर आए। इतना ही नहीं दोनों ने मंच के माध्‍यम से एक-दूसरे पर जमकर निशाना भी साधा। एक-दूसरे पर जमकर तंज कसे।

कार्यक्रम में पहुंचे अभय चौटाला ने लोगों का अभिवादन स्‍वीकार करते हुए उनका साथ देने को कहा। वहीं, मंच पर केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह की मौजूदगी के बावजूद यशपाल मलिक भाजपा पर जमकर बरसे। कहा कि भाजपा ने जाटों के साथ धोखा किया है। संघर्ष समिति राजस्थान व मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों भाजपा के खिलाफ प्रचार करेगी। यशपाल मलिक ने कहा हम 21 दिसंबर को जंतर मंतर पर एकत्रित होकर बड़ा फैसला लिया जाएगा।

इनेलो-बसपा की सरकार बणा दयो, 100 करोड़ दूंगा

अभय चौटला ने कहा, ''मैने छाेटूराम धाम के लिए पिछली बार एक करोड़ रुपये दिए थे, इस बार इनेलो और बसपा गठबंधन सरकार बना दो, मैं 100 करोड़ रुपये दूंगा।'' उन्‍होंने बीरेंद्र सिंह की ओर इशारा करते हुए कहा कि आप पीएम मोदी से बात करके टाइम लो और जाट आंदोलन का समाधान करवाओ। उन्‍होंने जाट नेताओं से कहा कि जंतर मंतर पर जब तुम धरना दोगे तो वहां फिर भाजपा नेता आश्‍वासन देने के लिए पहुंच जाएंगे। मगर इनसे लिखित में लिए बगैर इनका पीछा मत छोड़ना।

इनके 100 करोड़ के चक्‍कर में मत आना, कब्‍जा कर लेंगे

अभय चौटाला द्वारा बीजेपी पर तीखी टिप्‍पणी करने के बाद मंत्री बीरेंद्र सिंह भ्‍ाी पीछे नहीं रहे। कहा कि इनकी 100 करोड़ चंदा देने की बातों में मत आना, पहले ये चंदा देंगे और फिर छोटूराम धाम को ही कब्‍जा लेंगे। तुमने देखा नहीं किस तरह से ये डेरे कब्‍जा चुके हैं। उन्‍होंने कहा कि हम पीएम से बात नहीं करेंगे जाट कोई कमजाेर नहीं हैं जो बात करें, वो अपना हक खुद लड़कर लेगा। उन्‍होंने अपनी सरकार को ही कटघरे में खड़ा करते हुए जाट समुदाय के लोगों से कहा कि आरक्षण केवल नौकरी में नहीं बहुत सी चीजों में चाहिए है। सरकार पांच नए शहर बनाने जा रही है। ऐसे में जिन किसानों की जमीन हायर की जाए सरकार उन्‍हीं किसानों को 20 प्रतिशत जमीन पर आरक्षण दे, यानि उनके बिजनेस के लिए छोड़े।

समिति ने वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला को भी कार्यक्रम में हिस्सा लेने का न्योता भेजा था, लेकिन इनमें से कोई भी कार्यक्रम में नहीं पहुंचा है।

कार्यक्रम 10 एकड़ में बने पंडाल में हो रहा है। मुख्य मंच पर लगभग 500 लोग मौजूद हैं। जाट नेताओं ने कहा कि सरकार ने जाट आरक्षण सहित छह मांगों को पूरा करने का वादा किया गया था लेकिन बाद में सरकार पीछे हट गई। सम्मेलन के दौरान उन लोगों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने छोटूराम धाम के लिए चंदा दिया था। मंच पर 21 हजार रुपये या इससे अधिक राशि देने वाले दान दाताओं को बुलाकर सम्मानित किया गया।

500 वालंटियरों ने संभाली व्यवस्था

जाट महासम्मेलन की व्यवस्था संभालने के लिए 500 वालंटियर तैयार किए गए। यातायात व्यवस्था से लेकर मंच, पंडाल व अन्य व्यवस्थाओं पर उनकी ड्यूटी लगाई गई। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में पहुंचने वाले लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी गई। पार्किंग के लिए भी अलग से व्यवस्था की गई।

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