जागरण संवाददाता, हिसार। जिला परिषद की राजनीति में बड़ा उलट फेर हुआ। इंडियन नेशनल लोकदल, बहुजन समाज पार्टी और माकपा के चुनाव निशान पर लड़े उम्मीदवार चुनाव हार गए। चुनाव में पार्टी के निशान पर नहीं लड़े भाजपा, जजपा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार जीत कर जिला पार्षद के हाउस में बैठेंगे। हाउस बनने के साथ ही अब जिला परिषद चेयरमैन बनाने के जोड़-तोड़ शुरू हो गया है। जीत कर पंचायत भवन पहुंचे प्रत्याशी व उनके समर्थक चेयरमैन को लेकर अभी गठजोड़ बैठाने में जुट गए। अब सभी अपने समीकरण बनाने में जुटे हुए है।

जिला परिषद में 30 पार्षद चुने गए हैं। इसमें वार्ड नंबर एक से मंदीप, दो मोनिका, छह कर्ण सिंह, 15 से सुरेश कुमार और 19 से संदीप इनेलो के चुनाव निशान पर मैदान में थे। उनको हार का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार बसपा के वार्ड नंबर छह से पवन कुमार और 15 से नानक देव प्रत्याशी थे। माकपा के वरिष्ठ नेता कामरेड सुरेश कुमार मैदान में थे। पार्टी की टिकट पर वार्ड नंबर 20 ऋषिकेश चुनाव मैदान में थे और वह हार गए।

भाजपा, जजपा, कांग्रेस समर्थित बने पार्षद

जिला परिषद के हाउस में भाजपा, जजपा, कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार पार्षद बने हैं। भाजपा के भारतीय मजदूर संघ के उम्मीदवार जीते है। साथ ही खुद को जजपा से खुद को वार्ड नंबर 12 से सुनील सहित वार्ड नौ से सरोज देवी को बताया गया है। वहीं युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव मनोक टाक की माता सत्यपाली वार्ड 16 से जीत कर हाउस में पहुंची है। सत्यपाली ने भाजपा नेता के परिवार की तरफ से समर्थित उम्मीदवार को हराया है। उनकी तरफ से काफी जोर लगाया जा रहा था।

चेयरमैन के लिए लाबिंग हुई तेज

जिला परिषद के हाउस का गठन होने के साथ अब उसके चेयरमैन को लेकर गठजोड़ शुरू हो गई है। जीत कर पंचायत भवन पहुंचे प्रत्याशी एक दूसरे से जहां मिले वहीं उनसे आगे की रणनीति बनाने पर बातचीत हुई। युवाओं की तरफ से अपने स्तर पर अभी बातचीत की जा रही है। वहीं आने वाले दिनों में पार्टियों की तरफ से इसको लेकर प्रयास शुरू होंगे।

Edited By: Manoj Kumar

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