ढिगावा मंडी [मदन श्योराण]। किसानों को परंपरागत खेती के बजाय बागवानी व सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए भिवानी जिले के गांव गिगनाऊ में इंटिग्रेटेड हॉर्टिकल्चर सेंटर आफ एक्सिलेंस की स्थापना की जाएगी। इंडो इजराइल तकनीकी पर आधारित इस सेंटर में एप्पल बेरी सहित फलों व सब्जियों की उत्तम किस्म की पौध तैयार की जाएगी। 50 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस सेंटर की स्थापना में करोड़ों रुपए की लागत आएगी। इससे प्रदेश में फ्रूट फॉरेस्ट को बढ़ावा मिलेगा।

करीब 6 महीने पहले कृषि एवं पशुपालन मंत्री जयप्रकाश ने इंडो इजराइल इंटीग्रेटेड हॉर्टिकल्चर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस की स्थापना लोहारु हलके में करने का वादा किया था और कहा था कि यह एक्सिलेंस सेंटर प्रदेश का ऐसा पहला सेंटर होगा। जहां फलों व सब्जियों की उत्तम किस्म की पौध तैयार की जाएगी। इस सेंटर में थाइलैंड के एप्पल बेर की पौध भी तैयार की जाएगी। इस बेर की भारत में ही नही बल्कि विश्व के कई देशों में  मांग है। किसानों को बागवानी एवं सब्जियों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

ग्राम पंचायत गिगनाऊ ने दी जमीन

इसके लिए ग्राम पंचायत गिगनाऊ ने 50 एकड़ भूमि भी दे दी है। इसकी स्थापना से लोहारू क्षेत्र के साथ साथ भिवानी और पूरे प्रदेश के किसानों को फायदा मिलेगा। इससे बागवानी और सब्जियों की फसलों की तरफ रुझान बढ़ेगा जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। बागवानी व सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा में बागवानी मिशन के बजट में बढ़ोतरी भी की है।

लोहारू इलाके के मौसम के अनुरूप यहां इजराइली किस्म के एप्पल बेर और अमरूद की खेती को बढ़ावा मिल सकता है। ड्रिप सिस्टम से कम पानी में अधिक पैदावार मिलेगी। किसान इसके माध्यम से प्रति एकड़ करीब ढाई लाख रुपये की आमदनी कर सकता है। यह एक्सीलेंस सेंटर इलाके के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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