जागरण संवाददाता, हिसार : राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत पात्र व्यक्तियों को दी जाने वाली शगुन की राशि में बढ़ोतरी की है। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों एवं विधवा महिलाओं को कन्यादान के तौर पर अब 71 हजार रुपए की राशि दी जाएगी। उपायुक्त डा प्रियंका सोनी ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद लोगों के कल्याणार्थ विभिन्न योजनाएं एवं कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति तथा टपरिवास समुदाय के लोग जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं, उनकी लड़कियों के शादी के अवसर पर दी जाने वाली शगुन की राशि को 51 हजार से बढ़ाकर 71 हजार रुपये कर दिया गया है। अब इस योजना के तहत शगुन के तौर 66 हजार रुपये की राशि शादी के अवसर पर तथा 5 हजार रुपये की राशि शादी का रजिस्ट्रेशन करवाने के उपरांत दी जाएगी।

उपायुक्त ने बताया कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को मिलने वाली शगुन की राशि को भी बढ़ाकर अब 31 हजार रुपये कर दिया गया है। योजना के तहत पहले पात्र व्यक्तियों को 11 हजार रुपये राशि कन्यादान के तौर पर दी जाती थी। उन्होंने बताया कि बीपीएल परिवारों की लड़कियों को उनकी शादी के अवसर पर 28 हजार रुपये तथा 3 हजार रुपये की राशि शादी का पंजीकरण कराने के उपरांत दी जाएगी। इसी प्रकार राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों को डॉक्टर बीआर अंबेडकर आवास योजना के तहत मकान की मरम्मत के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता को भी 50 हजार से बढ़ाकर 80 हजार रुपये की दिया गया है।

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