मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

संवाद सहयोगी, बरवाला : भारतीय जनता पार्टी की कद्दावर नेता सुषमा स्वराज बेहद ईमानदार और दबंग तथा बेबाक छवि की नेता थी।

बरवाला व्यापार मंडल के प्रधान जयनारायण राजलीवाला ने उनके निधन पर दुख प्रकट करते हुए पुरानी यादों को ताजा करते हुए बताया कि राजलीवाला परिवार पर 1996 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा काफी जुल्म किए गए थे। ट्रक यूनियन विवाद के चलते हिसार के प्रेम नगर में ओपी जिदल के नजदीकी लाला दीपचंद राजलीवाला के निवास स्थान पर गोलियां तक चलवाई गई थी। उस समय ओपी जिदल, लाला दीपचंद राजलीवाला और उनके समर्थकों की गाड़ियों को भी जला दिया गया था। हिसार में ट्रक यूनियन विवाद काफी उग्र रूप धारण कर गया था। जिदल और दीपचंद राजलीवाला के समर्थकों पर टाडा भी लगाया गया था। उस समय ओपी जिदल ने वाजपेयी के समक्ष इस मुद्दे को उठाया था। तब 1996 में प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने हिसार में ट्रक यूनियन विवाद के बवाल की जांच के लिए सुषमा स्वराज को हिसार भेजा था। उस समय हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी।

जयनारायण राजलीवाला बताते हैं कि सुषमा स्वराज उस समय प्रेम नगर स्थित आवास पर आई थी और उन्होंने अपनी आंखों से गोलियों के निशान देखे थे। उन्होंने सारे मामले का संज्ञान लेकर एक अच्छी रिपोर्ट बनाकर भेजी थी और राजलीवाला परिवार का भरपूर सहयोग किया था। उसके बाद उनके समर्थकों की जमानतें हुई। उन्होंने स्वराज के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि वे सही मायने में एक जन नेता थी।

Posted By: Jagran

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