सिरसा, जेएनएन। डिंग थाना क्षेत्र के गांव कोटली में शनिवार रात एक शराबी व्यक्ति ने अपनी पत्नी के पेट में तेजधार चाकूनुमा हथियार घोंप कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपित मौके से फरार हो गया। इस मामले में मृतका के बड़े बेटे के बयान पर डिंग पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में लाया गया।

जानकारी मुताबिक गांव कोटली की जैमल बस्ती में शनिवार रात को 38 वर्षीय गीता देवी की पेट में चाकूनुमा तेज हथियार घोंप कर हत्या कर दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव बाजेकां से मृतका के मायके वाले भी पहुंच गए। इस मामले की सूचना मिलते ही डिंग थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई व शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में पहुंचाया। मृतका गीता देवी तीन बच्चों की मां थी, उसके दो लड़के व एक लड़की है।

तीनों ही बच्चे पढ़ते हैं। मृतका के बड़े बेटे नवीन के बताया कि उसका पिता तिलकराज शराब पीकर आता है तथा अक्सर उसके माता पिता में झगड़ा होता था। शनिवार रात आठ बजे उसके पिता ने उसकी मां गीता देवी से झगड़ा किया तो उसने व उसके भाई रोहित व बहन सपना ने अपनी मां को छुड़वाने की कोशिश की। परंतु उसके पिता ने उन्हें धक्का दे दिया।

इसके बाद उसके चचेरे भाई रवि ने भी बीच बचाव की कोशिश की तो उसे भी उसके पिता ने चोट मारी। नवीन ने बताया कि इसके बाद उसके पिता तिलकराज ने उसकी मां गीता देवी को चाकूनुमा हथियार से पेट में चोट मारी। जिससे वह चारपाई पर गिर गई। घटना के बाद उसका पिता फरार हो गया। झगड़ा होने के बाद उसका चाचा राजाराम उसकी मां को ऑटो में लेकर अस्पताल में गया, जहां चिकित्सको ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके बाद उसने घटना के बारे में अपने मामा सुभाष को सूचित किया। वहीं इस मामले में मृतका के भाई अशोक, सुभाष ने बताया कि उन्हें शनिवार रात को मृतका के चाचा ससुर राम कुमार ने फोन कर सूचना दी थी कि तिलकराज व गीता देवी में झगड़ा हो गया है। जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे तो उन्हें सारे घटनाक्रम के बारे में मालूम हुआ। मृतका के भाई सुभाष ने बताया कि 1998 में उसकी बहन की शादी की थी। अक्सर उसका जीजा रणजीत उसकी बहन गीता देवी ने मारपीट करता था।

अंतिम संस्कार को लेकर मायके वालों व ससुरालजनों में कहासुनी
नागरिक अस्पताल में मृतका के शव का पोस्टमार्टम होने के बाद मृतका के ससुराल व मायके वालों में उसका अंतिम संस्कार करवाने को लेकर आपस में कहासुनी हुई। मृतका के मायके वाले अपने गांव बाजेकां में अंतिम संस्कार करवाने की जिद पर अड़े थे जबकि ससुरालजनों का कहना था कि वे उसका अंतिम संस्कार कोटली में ही करेंगे। बाद में मृतका का अंतिम संस्कार उसके मायके बाजेकां में किया गया।
 

Posted By: manoj kumar

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