भिवानी [सुरेश मेहरा] खिलाड़ियों को स्टेडियम में गाइड लाइन के अनुसार अभ्यास की छूट मिलने खिलाड़ी खुश हैं। दूसरी तरफ भीम स्टेडियम का एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड खेलने के लायक नहीं होने से खिलाड़ी अभ्यास नहीं कर पा रहे हैं। करीब पांच साल पहले चार करोड़ 85 लाख रुपये की लागत से यह एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड तैयार किया गया था। सप्ताह भर पहले आई तेज आंधी में यह एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड उखड़ गया। इसे आज तक ठीक नहीं गया। इसके अलावा एक साल पहले इस ग्राउंड से करीब तीन लाख रुपये की कीमत की छह वाटर गन चोरी हो गई थी। आज तक यहां पर वाटर गन नई नहीं लगाई है। ऐसे मेंं समय-समय पर पानी का छिड़काव नहीं होने से यह ग्राउंड खराब हो रहा है।

खेलने की छूट तो मिली पर खेलने के लिए नहीं अच्छा ग्राउंड

महामारी में राहत के बाद सरकार ने खिलाड़ियों को अभ्यास की छूट दी तो खिलाड़ियों के चेहरे खिल गए। यहां हॉकी खिलाड़ी चिंतित हैं कि सरकार ने छूट तो दे दी पर वह इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। कई खिलाड़ियों ने बताया कि करोड़ों रुपये खर्च किए हैं तो खिलाड़ियों को इसका फायदा भी मिलना चाहिए। स्थानीय और आला अधिकारी इस मामले में लापरवाह बने हैं। खेल मंत्री और मुख्यमंत्री से हम आग्रह करते हैं कि भिवानी के भीम स्टेडियम में बने हॉकी के एस्ट्रोटर्फ ग्राउंड की सुध ली जाए और इसकी मरम्मत जल्द से जल्द कराई जाए।

वाटर गन लगाने के लिए बहुत बार की जा चुकी मांग

एक साल पहले वाटर गन चोरी गई थी। इसके बाद से इस ग्राउंड को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। पानी के छिड़काव के बिना यह ग्राउंड खराब हो रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार इस ग्राउंड को खराब होने से बचाने के लिए इसकी मरम्मत करवाने के साथ वाटर गन भी तुरंत प्रभाव से लगाने की जरूरत है। खेल प्रशिक्षकों ने बताया कि खेल मंत्री और मुख्यमंत्री के संज्ञान में यह मामला लाया गया है। उनसे आग्रह है कि भिवानी के खिलाड़ियों का भविष्य देखते हुए इस ग्राउंड को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाए।

आला अधिकारियों को लिखा जाएगा पत्र

हॉकी ग्राउंड की मरम्मत के लिए आला अधिकारियों को लिखा जाएगा। उम्मीद है इस ग्राउंड की जल्द सुध ली जाएगी ओर खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

मदनपाल, कार्यकारी डीएसओ, भिवानी।

Edited By: Manoj Kumar