हिसार, जेएनएन। हिसार को स्मार्ट सिटी बनाने का दावा भाजपा सरकार पहले दिन से कर रही है। शहर को स्मार्ट सिटी कैसे बनाना है, यह कोई नहीं जानता। प्रदेश स्तर पर स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 में हिसार पीछे खिसक गया है। जबकि साल 2018 में देश के 4041 शहरों में हिसार 146 वें रैंक पर था। साल 2019 में 4237 शहरों में हिसार अब 27 अंक खिसक कर 173 रैंक पर जा पहुंचा।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों के गंभीरता नहीं दिखाई। जिसका परिणाम यह है कि पांच हजार अंकों में से 2472.63 अंक प्राप्त हुए। इतना ही नहीं शहर की जनता ने भी फीडबैक में 74.36 अंक दिलवाए।

प्रत्यक्ष सर्वे में भी स्वच्छ सर्वेक्षण की टीम को शहर बदला हुआ नजर आया। टीम ने डारेक्टर ऑब्र्जवेशन में 81 अंक दिए। मगर, सर्विस के नाम पर जनता को कोई सुविधा नहीं मिली। कचरा प्रबंधन करने में पूरी तरह से निगम अधिकारी फेल रहे। अधिकारी सारा ठिकरा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं होने पर फोड़ रहे हैं। नवंबर माह में टेंडर होने के बाद भी 32 टाटा एस अधिकारी नहीं खरीद पाए। आज तक मात्र आठ टाटा एस गाडिय़ां निगम के पास पहुंची है। ऐसे में बिना साधनों के 400 सक्षम युवाओं की मेहनत कहां तक सेग्रीगेशन को कामयाब बना पातें।

एसई गए तो किसी ने नहीं संभाली जिम्मेदारी

स्वच्छ सर्वेक्षण जब से शुरू हुआ है। हिसार शहर की कमान एसई रामजीलाल के हाथों में रही। किसी ओर अधिकारी ने सफाई, सॉलिड वेस्ट आदि को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। साल 2019 में एसई रामजीलाल को करनाल का नियमित रूप से कार्यभार सौंप दिया गया। कुछ समय बाद उन्हें दो दिन एडिशनल हिसार का चार्ज दिया। ऐसे में उनके जाने के बाद किसी अधिकारी ने स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर जिम्मेदारी नहीं ली। सफाई शाखा के अधिकारी अपने स्तर पर ही जुटे रहे। यही वजह रही कि समय रहते हुए पूरे कागजात जमा नहीं हो पाए। सही तरह से दस्तावेज नहीं पहुंचने से सर्टिफिकेशन के अंकों में कटौती हुई।..

इनमें फिर से फेल हुए हम

स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 में सेग्रीगेशन, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट और प्रोसेसिंग सिस्टम में हम कमजोर रहे थें।

. सेग्रीगेशन - कचरा प्रबंधन में पांच फीसद काम हुआ था और 95 फीसद काम करना था। मगर, एक साल में उम्मीद के अनुरुप काम नहीं कर पाए। 20 फीसद काम ही मुश्किल से हुआ है। 20 ई रिक्शा किसी काम नहीं आई।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट - साल 2018 की रैंकिंग के दौरान सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट धरातल पर ही नहीं था। इस बार जमीन मिल चुकी है और प्लांट की फाइल मुख्यालय में फाइनल रूप ले रही है। मगर, सिरसा रोड पर डंपिंग यार्ड की चाहरदीवारी तक निगम नहीं खिंच पाया। ऐसे में कैसे अंक मिलते।

कंपोष्ट बनाना : कर्मचारियों की कमी के कारण कंपोष्ट बनाने की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। कागजों में ही कंपोष्ट बनाने की योजना बनती रही। पिछले साल कंपोष्ट बनाने के लिए मशीन खरीदनी थी, इस टेंडर को कैंसिल कर दिया गया। इस साल टीम के सर्वे से पूर्व इसका काम शुरू नहीं हो पाया।

. जनता को सुविधा : जनता को डोर टू डोर सर्विस में नगर निगम अधिकारी फिस्सडी रहे। 20 ई रिक्शा मंगाई मगर वह फेल हो गई। 32 टाटा एस आज तक नहीं आए।

इस प्रकार मिले अंक 

सर्विस लेवल प्रोग्रेस

- कुल अंक :  1250 अंक

- मिले अंक : 140.13 अंक

कुल फीसद : 11.21 फीसद

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डारेक्टर ऑब्र्जवेशन

- कुल अंक : 1250 अंक

- मिले अंक : 1003 अंक 

कुल फीसद : 81 फीसद

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सर्टीफिकेशन : 

- कुल अंक : 1250 अंक

- मिले अंक : 400 अंक

 कुल फीसद : 32 फीसद 

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सिटीजन फीडबैक

- कुल अंक : 1250

- मिले अंक : 929.51 अंक

कुल फीसद : 74.36 फीसद 

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कुल अंक - 5000

कुल मिले अंक - 2472.63 अंक

देश में इस प्रकार रहे हम

साल 2019 - 173 रैंक

साल 2018 -  146 रैंक

साल 2017 -  291 रैंक

साल 2016 - 350वां रैंक

साल 2011 के अनुसार जनसंख्या - 301383

लोगों ने भाग लिया - 15553

स्टार मिले - एक

ओडीएफ सर्टिफिकेशन - ओडीएफ प्लस

साल 2019 में हिसार को मिले कुल अंक - 2472.63

साल 2018 में मिले थे - 2332.2 अंक

 

-कुछ जिलों ने हमसे बेहतर प्रयास किया। जिस कारण वह आगे निकले है। हमारी जो कमियां रही है। उनको ढूंढेंगे और उनको दूर करने का प्रयास करेंगे।

- अशोक कुमार मीणा, डीसी

 

--स्वच्छ सर्वेक्षण 2019 को लेकर मुझे ज्याद जानकारी नहीं है। इस संबंध में कहां कमियां रही। उसको लेकर अधिकारियों से बातचीत करेंगे और प्रदेश में पहले स्थान पर काबिज होने का प्रयास करेंगे।

- गौतम सरदाना, मेयर

 

--सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट नहीं होने के कारण हमारी रैंकी में यह गिरावट हुई है। कहीं दस्तावेज जमा करवाने में कुछ चूक हमारी रहे गई। भले ही पांच हजार अंकों के हिसाब से हमारा प्रदर्शन बुरा नहीं है। हम ओर बेस्ट करेंगे। जहां तक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट है, उसका काम मुख्यालय की देखरेख में चल रहा है।

- रामजीलाल, नोडल अधिकारी व एसई, नगर निगम।

Posted By: manoj kumar

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