हरियाणा: 7 महीने बाद जागा हिसार नगर निगम सरकार, 765 एजेंडों पर रिपोर्ट मांगी तो अफसरों के बीच मचा हड़कंप
हिसार नगर निगम ने सात महीने बाद पार्षदों द्वारा उठाए गए 765 एजेंडों पर एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) तलब की ...और पढ़ें

हिसार नगर निगम फाइल फोटो
HighLights
हिसार नगर निगम ने सात माह बाद 765 एजेंडों पर एटीआर तलब की।
मेयर प्रवीण पोपली के निर्देश पर अधिकारियों में जवाबदेही की हलचल।
आगामी हाउस बैठक 22 अक्टूबर को संभावित, पुराने प्रस्तावों पर मंथन।
पवन सिरोहा, हिसार। शहर की सरकार के पुराने फैसलों और जनसमस्याओं से जुड़े प्रस्तावों पर अब जवाबदेही की बारी है। हाउस की 2 व 3 मार्च 2026 को हुई बैठक में पार्षदों की ओर से उठाए गए करीब 765 एजेंडों पर करीब सात माह 10 दिन बाद एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) ली जा रही है।
मेयर प्रवीण पोपली की ओर से रिपोर्ट तलब होते ही विभिन्न विभागों में हलचल तेज हो गई है। आगामी बैठक से पहले अधिकारी पुरानी फाइलें खंगालने और एजेंडों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा जुटाने में लग गए हैं।
बिजली निगम (डीएचबीवीएन), बीएंडआर, एनएचएआइ और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी सोमवार को नगर निगम पहुंचे।
कुछ अधिकारी पुराने एजेंडों पर किए गए कार्यों की जानकारी देने में जुटे रहे, जबकि कुछ को संबंधित प्रस्तावों और उन पर हुई कार्रवाई का ब्योरा जुटाते नजर आए।
22 अक्टूबर को बैठक पर मंथन, तारीख अभी तय नहीं
शहर की सरकार अक्टूबर में हाउस की साधारण सभा की बैठक बुलाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए 22 अक्टूबर की संभावित तारीख पर मंथन चल रहा है, हालांकि अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
हरियाणा नगर निगम अधिनियम-1994 में ये है प्रविधान
- धारा 52 (1) : नगर निगम की हाउस की प्रत्येक माह कम से कम एक साधारण बैठक आयोजित करने का प्रविधान है।
- धारा 52(2) : मेयर की अनुपस्थिति में सीनियर डिप्टी मेयर और दोनों की अनुपस्थिति में डिप्टी मेयर विशेष बैठक बुला सकते हैं। इसके अतिरिक्त, कुल सदस्यों के कम से कम एक-चौथाई सदस्यों की लिखित मांग पर विशेष बैठक बुलाई जा सकती है।
नगर निगम की हाउस की बैठक अक्टूबर माह में बुलाई जाएगी। इसके लिए 22 अक्टूबर की संभावित तिथि पर विचार किया गया है। जल्द ही बैठक की अंतिम तिथि निर्धारित कर दी जाएगी। - प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार
बीएंडआर की सड़क व शहर के अन्य विकास कार्य।
पार्षद भाईचारा कमेटी के प्रधान मनोहर लाल और पार्षद राजेंद्र बिडलान का कहना है कि उनके पुराने एजेंडों पर भी अभी तक काम नहीं हुआ है।
इसी कारण उन्होंने नए एजेंडे देने के बजाय अधिकारियों से पुराने प्रस्तावों पर ही काम पूरा करवाने को कहा है। पार्षदों का कहना है कि जब पहले उठाई गई जनसमस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो नए प्रस्ताव देने का क्या औचित्य है। ऐसे में अब एटीआर के माध्यम से यह स्पष्ट होगा कि कितने एजेंडों पर काम हुआ।
एटीआर की मांग के बाद सोमवार को नगर निगम कार्यालय में विभिन्न विभागों के अधिकारियों की आवाजाही बनी रही। कोई निगमायुक्त के कार्यालय के बाहर इंतजार करता नजर आया तो कोई निगमायुक्त के निजी सहायक के कक्ष में एजेंडों को लेकर चर्चा करता रहा।
कई विभागों के अधिकारियों ने पार्षदों से फोन पर संपर्क कर पुराने प्रस्तावों का ब्योरा और उनसे जुड़ी समस्याओं की जानकारी भी मांगी। एनएचएआइ सहित अन्य विभागों के अधिकारी एजेंडों की स्थिति स्पष्ट करने में जुटे रहे। निगम सभागार में अतिरिक्त आयुक्त के नेतृत्व में करीब तीन घंटे तक बैठक चली।
