हिसार नगर निगम की फाइनेंस सब-कमेटी में बदलाव, जिंदल हाउस समर्थक हुए शामिल; 17 नई कमेटियों का गठन
हिसार नगर निगम ने फाइनेंस सब कमेटी में बदलाव कर वित्तीय निगरानी के साथ सियासी संतुलन साधा है। कुल 17 सब कमेटियों का गठन किया गया है।

हिसार नगर निगम की फाइनेंस सब-कमेटी में बदलाव (फाइल फोटो)
HighLights
फाइनेंस सब कमेटी में नए सदस्य, सियासी संतुलन साधा गया
कुल 17 सब कमेटियां गठित, पार्षदों की भागीदारी सुनिश्चित हुई
निर्दलीय और विपक्षी पार्षदों को भी समितियों में अवसर
पवन सिरोवा, हिसार। शहर की सरकार ने नगर निगम की फाइनेंस सब कमेटी में बदलाव कर वित्तीय निगरानी के साथ सियासी संतुलन साधा है। पहले इस कमेटी में दो महिला पार्षद सदस्य (सुमन यादव और ज्योति) थीं, जो भाजपा के चुनाव चिह्न पर जीतकर आई थीं।
अब कमेटी में फेरबदल करते हुए भाजपा और जिंदल हाउस से जुड़े पार्षदों को प्रतिनिधित्व दिया गया है। मेयर प्रवीण पोपली कमेटी के अध्यक्ष बने रहेंगे, जबकि भाजपा पार्षद नरेश ग्रेवाल और जिंदल हाउस से जुड़े पार्षद जगमोहन मित्तल को सदस्य बनाया गया है। एक वर्ष के लिए गठित यह कमेटी नगर निगम की आय-व्यय, वित्तीय प्रस्तावों और विकास कार्यों पर खर्च होने वाले बजट की समीक्षा करेगी।
इसके माध्यम से विकास योजनाओं के लिए धन के उपयोग, कार्यों की प्रगति और वित्तीय अनुशासन पर नजर रखने की तैयारी है। राजनीतिक दृष्टि से भी यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सब कमेटियों से एक निर्दलीय और विपक्ष को भी दिया अवसर
नगर निगम की साधारण सभा की बैठक में हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 40 के तहत शहर की सरकार ने 17 सब कमेटियों का गठन किया है।
इन समितियों के माध्यम से विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा करने और पार्षदों की भागीदारी बढ़ाने की योजना है। 15 सब कमेटियों की कमान भाजपा सिंबल पर जीतकर आए पार्षदों के पास है। जबकि जनस्वास्थ्य विभाग की सब कमेटी का अध्यक्ष निर्दलीय पार्षद रवि सैनी को बनाया है।
वहीं, 17वीं फायर एवं प्रदूषण सब कमेटी का अध्यक्ष कांग्रेस से जुड़े पार्षद सत्यवान पानू को बनाया गया है। इस तरह विपक्ष को भी समिति के माध्यम से अपनी भूमिका निभाने का अवसर दिया गया है।
पूर्व पार्षदों की पत्नियों को नहीं मिली अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी
नगर निगम की सब कमेटियों के गठन में कुछ महिला पार्षदों को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है। इनमें वार्ड-एक से पार्षद पद की हैट्रिक लगा चुके पूर्व पार्षद अनिल जैन की पत्नी सरोज जैन, वार्ड-15 से पूर्व पार्षद प्रीतम सैनी की पत्नी संतोष सैनी और वार्ड-9 से पूर्व पार्षद जयप्रकाश की पत्नी पार्षद शीला देवी शामिल हैं।
तीनों महिला पार्षदों के पति पूर्व में हाउस का हिस्सा रह चुके हैं और उन्हें राजनीतिक अनुभव भी हासिल है। इसके बावजूद किसी भी सब कमेटी की अध्यक्षता की जिम्मेदारी इन महिला पार्षदों को नहीं दी गई।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि संबंधित महिला पार्षदों के पति उन्हें सब कमेटी का अध्यक्ष बनवाने के इच्छुक नहीं थे। उनके अपने व्यक्तिगत कारण रहे हैं। वहीं निर्दलीय महिला पार्षद उषा को भी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।
सब-कमेटियां बनने से शहर और जनता को यह होगा लाभ नियमित निगरानी
विकास कार्यों में कमियों की पहचान हो पाएगी।
- पार्षदों की भागीदारी: वार्ड की समस्याओं को उठाने का अवसर मिलेगा।
- त्वरित समाधान: छोटे-छोटे मामलों को अगली साधारण सभा तक लंबित रखने के बजाय संबंधित स्तर पर समीक्षा हो पाएगी। पारदर्शिता: कार्यों की प्रगति और लंबित शिकायतों के रिकॉर्ड में मदद मिलेगी।
- जवाबदेही: संबंधित अधिकारियों से स्थिति रिपोर्ट और देरी के कारण पूछने के लिए संस्थागत मंच मिलेगा।
हाउस की बैठक में 17 सब कमेटियों का गठन किया है। पूर्व में गठित फाइनेंस सब कमेटी में बदलाव कर नए सदस्यों को शामिल किया है। समितियां शहर के विकास में अहम योगदान देंगी। समस्याओं के समाधान में तेजी आएगी। -प्रवीण पोपली, मेयर, हिसार
