जागरण संवाददाता, हिसार। हिसार में बीते दो महीनों से कोरोना की स्थिति एक जैसी ही बनी हुई है। कभी कोई केस मिलता है तो कभी कोरोना केस एक भी नहीं होता हैह। हालांकि शहर में हर जगह भीड़ देखी जा सकती है तो वहीं लोग कोविड गाइडलाइन का पालन भी नहीं कर रहे हैं। वर्तमान में कोरोना संक्रमण नहीं फैल रहा है मगर तीसरी लहर आई तो ये लापरवाही भारी पड़ सकती है।

वहीं जिला सर्विलांस अधिकारी एवं आईडीएसपी इंचार्ज डॉ सुभाष खतरेजा ने बताया कि वीरवार को जिले में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है। जिले में एक्टिव केसों की संख्या 5 तथा रिकवरी रेट 97.88 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जिले में अभी तक 7 लाख 14 हजार 189 लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसमें संक्रमण के कुल 53 हजार 986 मामले सामने आ चुके हैं।

अब तक कुल 52 हजार 841 लोग कोरोना से रिकवर हो चुके हैं। जिले में कोरोना से अब तक कुल 1140 लोगों की मौत हुई है। कोरोना की पिछले वर्ष की पहली लहर में 327 और इस वर्ष की दूसरी लहर में 813 लोगों की मृत्यु हुई है। पहली लहर में संक्रमण के 17 हजार 147 जबकि दूसरी लहर में अब तक 36 हजार 839 मामले दर्ज किए गए हैं।

बता दें कि हिसार में दूसरी लहर में हालात बेहद खराब हो गए थे। कोरोना केस मिलने की संख्‍या आए दिन करीब 1200 से 1500 के बीच पहुंच गई थी। अस्‍पतालों में बेड भी फुल हो गए थे। इसी के चलते हरियाणा सरकार को अस्‍थाई 500 बेड का अस्‍पताल भी बनाना पड़ा था। जो अभी भी है मगर स्‍टाफ को कोरोना के केस नहीं होने के चलते दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर दिया है। वहीं अस्‍थाई कर्मचारियों को हटा दिया गया है। तीसरी लहर में ऑक्‍सीजन और बेड की कमी के कारण दिक्‍कत न हो, इसके लिए पहले से ही तैयारी की गई है तो वहीं चिकित्‍सकों को रोहतक पीजीआई में प्रशिक्षण भी दिया गया है।

Edited By: Manoj Kumar