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हरियाणा में मौसम की मार: धूप, बारिश और उमस के बीच अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या; बरतें ये सावधानी

Published: Sun, 23 Aug 2026 06:48 AM (IST)

बदलते मौसम के कारण हिसार के नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जहां उल्टी-दस्त, बुखार ...और पढ़ें

हरियाणा में मौसम की मार। फाइल फोटो

हरियाणा में मौसम की मार। फाइल फोटो

HighLights

  1. हिसार अस्पताल में उल्टी-दस्त, बुखार के मरीज बढ़े।

  2. बदलते मौसम से सांस और आंखों की समस्याएं बढ़ीं।

  3. चिकित्सकों ने सावधानी बरतने और स्वच्छता की सलाह दी।

जागरण संवाददाता, हिसार। कभी चिलचिलाती धूप, कभी तेज आंधी और अचानक होने वाली वर्षा ने लोगों की दिनचर्या ही नहीं, सेहत का संतुलन भी बिगाड़ दिया है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब अस्पतालों की ओपीडी में साफ दिखाई देने लगा है।

नागरिक अस्पताल में इन दिनों मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उल्टी-दस्त, बुखार, खांसी-जुकाम, वायरल संक्रमण और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोग बड़ी संख्या में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

अस्पताल में सुबह आठ बजे से ही पर्ची काउंटर पर भीड़ जुटनी शुरू हो जाती है। मरीजों को पर्ची बनवाने और डाक्टर तक पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। शहर के अलावा आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।

मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक दबाव देखने को मिल रहा है। मौसम में नमी और धूल के बढ़ते प्रभाव ने सांस संबंधी रोगियों की परेशानी भी बढ़ा दी है। दमा और एलर्जी से पीड़ित मरीजों को सांस लेने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं तेज हवाओं और धूल भरे वातावरण के कारण आंखों में जलन, खुजली और लालिमा की शिकायतें भी बढ़ गई हैं। अस्पताल में आंखों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना रही है विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी

नागरिक अस्पताल में नेत्र रोग विशेषज्ञ सप्ताह में केवल शुक्रवार को उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में अन्य दिनों में आने वाले मरीजों को या तो इंतजार करना पड़ता है या फिर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह और शाम सैर करने वाले लोग भी मौसम के उतार-चढ़ाव का असर महसूस कर रहे हैं।

उमस और तापमान में अचानक बदलाव के कारण थकान, कमजोरी और सांस फूलने जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि बदलते मौसम में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार मौसम सामान्य होने तक मरीजों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। चिकित्सकों ने लोगों से सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी लक्षण नजर आते ही समय पर उपचार लेने की अपील की है।

मौसम बदल रहा, सावधानी भी जरूरी

  • - भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का प्रयोग करें
  • - बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा लगाएं
  • - पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें
  • - नारियल पानी और नींबू पानी का सेवन करें
  • - तली-भुनी व बासी खाद्य सामग्री से बचें
  • - अत्यधिक ठंडी चीजों का सेवन न करें
  • - हाथों की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें

चिकित्सकों का कहना है कि मौसम के इस दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी बीमारी को बढ़ा सकती है। संतुलित आहार, पर्याप्त पानी और नियमित दिनचर्या अपनाकर लोग खुद को मौसमी बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं।