जागरण संवाददाता, हिसार। Swachh Sarvekshan 2022: स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर साल हिसार का नगर निगम अपने शहर को देश के टाप 100 स्वच्छ शहरों में शामिल करने के लिए कोशिश करता है मगर जब रिजल्ट आता है तो हर किसी को निराशा ही हाथ लगती है। इसका जीता जागता परिणाम शनिवार को स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 की रिपोर्ट का देखने से पता चलता है।

पिछले साल हिसार को मिला था 165वां स्‍थान

हिसार को इस बार स्वच्छता में 115वां का रैंक मिला है। यह रैंक पिछले साल की रैंकिंग से तो कुछ ठीक है मगर शहर को टाप-100 में शामिल करने का अफसरों का दावा महज दावा दिखाई पड़ता है। पिछले वर्ष स्वच्छता सर्वेक्षण में हिसार ने 165वां का रैंक हासिल किया था। जबकि इससे पहले 2020 में 105वां रैंक हासिल किया है। तब से हिसार नगर निगम के स्वच्छ भारत मिशन शहरी की कार्य प्रणाली पर सर्वेक्षण का रिपोर्ट कार्ड ही सवाल उठा रहा है।

स्थिति ऐसी है कि रैंकिंग में हिसार से अच्छे तो अंबाला, रोहतक और बहादुरगढ़ हैं। इस बार हिसार ने 4020.07 अंक स्कोर किया है। इसमें सबसे अधिक नुकसान हिसार को कचरा को प्रोसेस करने को लेकर हो रहा है। इसमें हिसार के नंबर कट रहे हैं जबकि दूसरे जिले अच्छे अंक प्राप्त कर रहे हैं। पिछले कुछ महीनों में ही हिसार में सात स्थानों पर प्रोसेसिंग यूनिट लगाई गई हैं। अब वहां पर कितना कचरा निस्तारित हो रहा है जिसका परिणाम इस रिपोर्ट से जाहिर हो रहा है।

इंदौर के दौरे ने भी नहीं दिलाई बढ़त

यह सर्वेक्षण इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि हाल ही में नगर निगम के अधिकारियों को नगर निगम प्रशासन ने विशेष दौरे पर इंदौर भेजा था। जिसके आदेश नगर निकाय मंत्री डा कमल गुप्ता ने विशेष तौर पर दिए थे। इस दौरे के बाद अधिकारियों ने वार्ड 20 प्रेम नगर जोकि निकाय मंत्री का खुद का क्षेत्र है वहां पर एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था मगर इस पर कोई सकारात्मक परिणाम आते नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में निकाय मंत्री के साफ सिटी सेफ सिटी के नारे को अफसर कितना सफल कर पाएंगे यह आने वाला समय ही बता पाएगा।

ग्रीन हिसार और क्लीन हिसार जैसे नारे, नारों तक ही सिमटे दिखे

करीब चार साल मेयर गौतम सरदाना के कार्यकाल को भी होने जा रह हैं उन्होंने ग्रीन हिसार और क्लीन हिसार के नारे के साथ शहर के लोगों को भरोसा दिलाया था कि शहर को हर हालत में स्वच्छता की स्थिति ठीक करेंगे। मगर अफसरों ने इस कार्य पर भी पानी फेर दिया। इसी प्रकार शहरी निकाय मंत्री डा. कमल गुप्ता ने स्वच्छता को लेकर साफ सिटी सेफ सिटी का नारा दिया था पिछले तीन वर्षों के रिपोर्ट कार्ड देखने से तो यह नारे कहीं भी टिकते नहीं दिख रहे हैं।

यह कारण है टाप रैंकिंग में न आने का

नगर निगम से ही जुड़े अधिकारियों की मानें तो हिसार का रैंकिंग नहीं सुधर पा रही है उसका सबसे बड़ा कारण भी नगर निगम के भीतर है। नगर निगम कभी तो सफाई को लेकर बड़े-बड़े अभियान चला देता है तो कभी बिल्कुल भूल जाता है। कभी कचरा निस्तारण के लिए संघर्ष करता है तो कभी कचरा निस्तारण पर ढुलमुल रवैया अपना लिया जाता है। एक बार विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों काे ढील मिली तो सफाई व्यवस्था राम भरोसे भी चलने लगती है। शहर में कई पब्लिक टायलेट की हालत खराब हैं। इन्हें कोई देखने वाला नहीं है। घरों से कचरा उठाने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं है।

अफसरों के सामने यह बड़ी चुनौतियां

  • - घर-घर से कचरा उठाना है मगर पर्याप्त संसाधन नहीं। 
  • - कचरा उठा लिया तो निस्तारण होगा इसकी हकीकत जानने वाला कोई नहीं।
  • - शहर में प्लास्टिक व पालिथिन वेस्ट को लेकर बड़ा समाधान नहीं दिखाई देता।
  • - शहर में कचरे के लिए पूर्व में सैकड़ों डस्टबिन रखवाए गए थे आज वह कहां हैं पता नहीं।
  • - शहर में पब्लिक टायलेटों की स्थिति भी बदतर है।

-- -- -- -- -- -- -- -- --

स्वच्छता रिपोर्ट देखकर भड़के निगम कमिश्नर, बैठक बुलाकर एसीआर खराब करने की दी चेतावनी

स्वच्छता में लाखों करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं मगर नतीजा सिफर रहता है। जब शनिवार को सर्वे का परिणाम आया तो नगर निगम के कमिश्नर प्रदीप दहिया ने अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक बुला ली। इसमें विशेष तौर पर सेनिटेशन ब्रांच के लोग शामिल थे। ऐसे में कमिश्नर से रैंकिंग की समीक्षा करते हुए अच्छे से फटकार लगाई।

इसके बाद उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर सफाई के कार्य में लारवाही बरती तो कड़ी कार्रवाई करेंगे। यहां तक कि एसीआर खराब करने तक की चेतावनी दे दी। इससे पहले नगर निगम में चीफ इंजीनियर रामजी लाल ने सेनिटेशन ब्रांच के अधिकारियों के साथ बैठक ली और उन्हें भी एक-एक विषय पर कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने बताया कि कूड़े का पहाड़ काफी कम हो चुका है। कल दोबारा से विजिट करेंगे और देखेंगे कि कितना कम हो गया है। हिसार में 200 टन पालीथिन व प्लास्टिक वेस्ट रीसाइकिल हो रहा है। यह बाहर भेजा जा रहा है।

-- -- -- -- -- -- --

इन कार्यों को तत्काल करने की अधिकारियों ने दी हिदायत

  • - अब से सभी एएसआई को हर रोज अपने क्षेत्र में कचरा उठाना और निस्तारण की रिपोर्ट फोटो सहित भेजनी होगी।
  • - टायलेट की साफ फोटो भी रोजाना एएसआई वाह्टसएप पर भेजनी होगी।
  • - जिला में सात स्थानों पर कचरा प्रोसिसिंग की जा रही है इसकी भी मानीटरिंग की जाएगी।
  • - सभी पार्कों में खाद बनाने का कार्य पहले से ही चल रहा है।
  • - घर-घर से कचरा उठाने के लिए 50 गाड़ियों को मांगाया जा रहा है यह नवंबर तक आ जाएंगी। वहीं जेसीबी आदि के लिए पर्याप्त फंड है।
  • - हर एएसआई डाटा देंगे जिसमें होगा कि कितने लोगों से सेग्रीगेशन करा दिया है।

Edited By: Sunil kumar jha

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट