हिसार, जागरण संवाददाता। पिछले दो से तीन दिनों से चर्चा है कि हिसार में भारी वर्षा काे लेकर मौसम विज्ञान विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। इससे संबंधित एक आदेश भी तैयारियाें को लेकर वायरल होता दिखाई दिया। इसके साथ ही जिला में कई विभागो ने तो कमर भी कस ली। मगर हिसारवासियों को अधिक चिंता करने का आवश्यकता नहीं है। क्योंकि हिसार में हल्की या मध्यम वर्षा होगी। वहीं भारी वर्षा को लेकर अलर्ट भी नहीं है। अब हिसार ग्रीन जोन में है, जोकि मौसम विज्ञान में सामान्य स्थिति को दर्शाता है। 

मी वाली हवाएं आने की संभावना

दक्षिण पश्चिम मानसून टर्फ जेसलमेर कोटा गुना से होता हुआ बंगाल की खाड़ी तक बना हुआ है। जिससे बंगाल की खाड़ी की तरफ से मानसूनी हवाएं राज्य की तरफ आने तथा उत्तर पश्चिमी राजस्थान पर एक साईक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से अरब सागर की तरफ से नमी वाली हवाएं आने की संभावना हैं।

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डा. मदन खिचड़ ने बताया कि वातावरण में नमी की अधिकता से हरियाणा में छह जुलाई से आठ जुलाई के दौरान ज्यादातर स्थानों पर हवाओं व गरज चमक के साथ वर्षा की संभावना है। इस दौरान उत्तर हरियाणा के जिलों में मध्यम से तेज बारिश तथा पश्चिम एवं दक्षिण हरियाणा के जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। जिससे दिन के तापमान में गिरावट बने रहने की संभावना है ।

लोगों का उमस से बुरा हाल

वर्षा कुछ ही स्थानों पर होने से प्रदेश के कई जिलों में गर्मी बढ़ती रही है। इसके साथ ही उमस भी लोगों का पसीना छुडा रही है। सोमवार के बाद मंगलवार को भी उमस के कारण लोग परेशान दिखाई दिए। उमस में कूलर पंखे भी गर्मी को रोक पाने में कामयाब नहीं रहे। मंगलवार को हिसार में दिन के समय 39.2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान पहुंच गया।

क्या होता है साइक्लोनिक सर्कुलेशन

जब भी पश्चिमी विक्षोभ गुजरता है तब हवाओं के एक चक्रवात बन जाता है जिसे साइक्लोनिक सर्कुलेशन कहते हैं। यह सर्कुलेशन हवा व नमी का मिश्रण होता है जो आगे जाकर बारिश करने का काम करता है।

Edited By: Naveen Dalal