यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana: आज पूरे प्रदेश की सब्जी व फल मंडियों में रहेगा हड़ताल, मार्केट फीस व HRDF न हटाने से व्यापारियों में है रोष
आढ़तियों ने मांग की है कि सरकार को अपने वादे के अनुसार सब्जी व फलों पर से मार्केट फीस व ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, हिसार। हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी व फलों पर एक मुश्त मार्केट फीस लगाने व एक प्रतिशत एचआरडीएफ लगाने के विरोध में 20 दिसंबर को पूरे प्रदेश की सब्जी व फल मंडियों में हड़ताल का असर देखने को मिलेगा।
इस बारे में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष व अखिल भारतीय व्यापार मंडल के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव बजरंग गर्ग ने अन्य व्यापारियों के साथ मंगलवार को अग्रसेन भवन में पत्रकार वार्ता की। उसमें प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सब्जी और फलों पर पहले कोई टैक्स नहीं था।
मौजूदा भाजपा सरकार ने सब्जी व फलों पर टैक्स लगाया। जब व्यापारियों ने टैक्स हटाने की मांग की तो सरकार ने टैक्स हटाने की घोषणा की है। यहां तक कि छह माह पहले मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री ने भी फल व सब्जी से टैक्स हटाने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक टैक्स नहीं हटाया। इस वजह से व्यापारियों में रोष है।
प्रांतीय अध्यक्ष बजरंग गर्ग ने कहा कि सरकार घोषणा में कहती है कि फल व सब्जी से टैक्स हटाने से 30 करोड़ का घाटा होगा। सरकार के प्रति प्रदेश के आढ़ती व किसानों में बड़ा भारी रोष है। 20 दिसंबर कि प्रदेश में हड़ताल ऐतिहासिक होगी।
किसानों व आढ़तियों की मांग पर पिछली सरकार से बातचीत कर सब्जी व फलों पर से 14 फरवरी 2014 को मार्केट फीस माफ करवाई थी, पर भाजपा सरकार ने किसानों द्वारा पैदा की जा रही सब्जी-फल पर एक मई 2020 से दोबारा मार्केट फीस व एचआरडी एफ लगा दी, जो गलत है। अगर सरकार ने मार्केट फीस व एचआरडीएफ नहीं हटाया तो प्रदेश का व्यापारी किसानों के साथ मिलकर पूरी तरह से हरियाणा बंद करके सड़कों पर उतरकर जोरदार आंदोलन करेगा।
10 लाख व्यापारियों को होगा फायदा
बजरंग गर्ग व आढ़तियों ने मांग की है कि सरकार को अपने वादे के अनुसार सब्जी व फलों पर से मार्केट फीस व एचआरडीएफ तत्काल प्रभाव से हटनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने साल 2017 को जीएसटी लागू करते हुए घोषणा की थी कि देश में जीएसटी के तहत सिर्फ एक टैक्स रहेगा। मगर केंद्र सरकार ने जीएसटी के तहत 6 प्रकार के टैक्स लगा दिए। जो मार्केट फीस समाप्त करनी थी, वह अभी तक नहीं की। टैक्स माफ करने से प्रदेश के 10 लाख व्यापारियों को फायदा होगा।
