जागरण संवाददाता, हिसार। दिल्ली में प्रदूषण बढ़ा तो कोर्ट तक को इस मामले पर हस्तक्षेकर पर मार्गदर्शन करने को मजबूर होना पड़ा। मगर हालात यह है कि दिल्ली से भी अधिक हरियाणा के शहर प्रदूषण को झेल रहे हैं। इसमें फरीदाबाद में दिल्ली से भी अधिक एयर क्वालिटी इंडेक्स दर्ज किया गया। वीरवार को दिल्ली में 400 तो फरीदाबाद में 406 एक्यूआई दर्ज किया गया। दिल्ली से अधिक हरियाणा के शहरों में देरी तक स्माग लोगों को बीमार कर रहा है। सिर्फ यह नहीं बल्कि लोगों का दम फुलाने में हिसार भी पीछे नहीं है। यहां भी वायु एक महीने से लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। फरीदाबाद के अलावा प्रदेश में कुल आठ स्थानों पर वायु प्रदूषण 300 से अधिक रहा। हिसार में एयर क्‍वालिटी इंडेक्‍स 359 दर्ज किया गया है।

क्या है कण प्रदूषण, जो सबसे अधिक पहुंचा रहा नुकसान

प्रदेश के अधिकांश शहर पीएम 10 व पीएम 2.5 प्रदूषण से ग्रसित हैं। पीएम को पर्टिकुलेट मैटर या कण प्रदूषण भी कहा जाता है, जो कि वातावरण में मौजूद ठोस कणों और तरल बूंदों का मिश्रण है। हवा में मौजूद कण इतने छोटे होते हैं कि आप नग्न आंखों से भी नहीं देख सकते। कुछ कण इतने छोटे होते हैं कि इन्हें केवल इलेक्ट्रान माइक्रोस्कोप का उपयोग करके पता लगाना पड़ता है। कण प्रदूषण में पीएम 2.5 और पीएम 10 शामिल हैं जो बहुत खतरनाक होते हैं। पीएम 2.5, 60 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। हवा में पीएम 10 का स्तर 100 से कम ही रहना चाहिए। पीएम 10 और 2.5 धूल, निर्माण की जगह पर धूल, कूड़ा व पुआल जलाने से ज्यादा बढ़ता है।

जब इन कणों का स्तर वायु में बढ़ जाता है तो सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन आदि होने लगती हैं। पीएम 2.5 और पीएम 10 के कण सांस लेते समय आपके फेफड़ों में चले जाते हैं जिससे खांसी और अस्थमा के दौरे पढ़ सकते हैं। उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा, स्ट्रोक और भी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बन जाता है, इसके परिणामस्वरूप समय से पहले मृत्यु भी हो सकती है।

इन स्थानों पर वायु प्रदूषण गंभीर व बहुत खराब स्थिति में

फरीदाबाद- 406

हिसार- 359

जींद- 353

बहादुरगढ़- 350

गुरूग्राम- 334

मानेसर- 330

रोहतक- 330

सोनीपत- 304

इन स्थानों पर वायु प्रदूषित

अंबाला- 228

चरखी दादरी- 292

धारूहेड़ा- 250

कैथल- 294

करनाल- 220

कुरुक्षेत्र- 267

पानीपत- 228

सिरसा- 238

यमुनानगर- 267

Edited By: Manoj Kumar