मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

हिसार, जेएनएन। शिक्षण संस्‍थानों में पढ़ाई करवाई जाती है, कौन नहीं जानता, कुछ शिक्षण संस्‍थानों में कोर्स से जुडे़ प्रायोगिक कोर्स भी करवाए जाते हैं। मगर सोचिए अगर किसी विश्‍वविद्यालय में स्‍टूडेंट्स न केवल बनाएं, बल्कि उन्‍हें ऑनलाइन बेचा भी जाए तो कैसा हो। सुनने में अलग जरूर हैं मगर हिसार स्थित एचएयू एक ऐसा ही प्रयोग करने जा रही है। जिसमें चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) के उत्पाद अब ऑनलाइन भी उपलब्ध होंगे। इसके लिए विश्वविद्यालय की तरफ से एचएयू ई-मार्ट नामक ऑनलाइन शॉपिंग साइट शुरू की जा रही है। उपभोक्ता एचएयू ई-मार्ट पर विश्वविद्यालय में निर्मित विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थ खरीद सकेंगे। इनमें केक, बिस्कुट, स्कवैश, बीज, बेडशीट, कुशन सहित कई उत्पाद शामिल हैं। इस साइट का शुभारंभ 2 फरवरी को विश्वविद्यालय के 50वें स्थापना दिवस पर होगा।

विवि के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में कई उम्दा गुणवत्ताशील उत्पाद तैयार किए जाते हैं। शुरू में इस ऑनलाइन शॉपिंग साइट के माध्यम से विश्वविद्यालय में निर्मित उत्पादों की शहर के सीमित क्षेत्रों में खरीददारी संभव होगी। मगर जल्द ही इन्हें सुचारू रूप से वैश्विक स्तर पर उपलब्ध करवाया जाएगा। उत्पाद बेचकर प्राप्त आमदनी को उत्पाद बनाने वाले विद्यार्थियों, अध्यापकों और एचएयू के बीच निर्धारित एक निश्चित अनुपात में बांटा जाएगा।

इन उत्पादों की होगी बिक्री
केक, मुफीन, बाजरा बिस्कुट, बेल स्कवैश, मैंगो आरटीएस ड्रिंक, आंवला कैंडी आदि पेय एवं खाद्य पदार्थाें के अलावा विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा तैयार किए गए ऑर्नामेंटल प्लांट्स, खाद, जैविक खाद/कम्पोस्ट, बीज, बेडशीट, कुशन कवर, बैग आदि भी इस ऑनलाइन शॉपिंग साइट से खरीदा जा सकेगा।

एग्रीकल्चर के विद्यार्थियों ने ही बनाई शॉपिंग साइट
इस ऑनलाइन शॉपिंग साइट को विश्वविद्यालय में चल रहे एक्सपीरिएंसनल लर्निंग प्रोग्राम (इएलपी) डिजिटल एग्रीकल्चर के छात्रों ने विकसित किया है। कुलपति समेत विश्वविद्यालय के अधिकारियों को इएलपी के छात्रों ने ई-मार्ट से संबंधित सभी मॉडयूल्स के बारे अवगत कराया है।

किसानों व अन्य उपभोक्ताओं को सेवाएं भी मिलेंगी
इएलपी के प्रभारी डाॅ. सीमा परमार व डाॅ. जितेन्द्र भाटिया के निर्देशन में पांच स्नातक व पीएचडी स्तर के विद्यार्थियों ने इस ई-मार्ट को बनाया है। इस वेबसाइट के माध्यम से न केवल उपभोक्ताओं को सेवा प्राप्त होगी, बल्कि किसानों को भी अनेकों लाभदायक जानकारियां प्राप्त हो सकेंगी। शॉङ्क्षपग साइट तैयार करने वाले छात्रों में रोहित ढोलके, भूषण मेहता, प्रवीण कुमार, अमन शर्मा, आयुश ङ्क्षसगला व भाविश कपूर शामिल हैं।

Posted By: manoj kumar

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप